भोपाल में अमित शाह का कांग्रेस पर निशाना, बोले— 75 साल बाद मोदी सरकार ने बनाया स्वतंत्र सहकारिता मंत्रालय
गोपालक सम्मेलन में डेयरी और सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने पर जोर, उज्जैन में ₹255 करोड़ के दूध प्रसंस्करण संयंत्र का भूमिपूजन

भोपाल, मध्य प्रदेश। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित गोपालक सम्मेलन में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा नकारात्मक राजनीति की, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने सहकारिता और दुग्ध क्षेत्र को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। शाह ने कहा कि स्वतंत्र सहकारिता मंत्रालय के गठन का बड़ा लाभ गोपालकों, पशुपालकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा। शाह ने कहा कि आजादी के बाद से कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े लोगों की मांग थी कि केंद्र में स्वतंत्र सहकारिता मंत्रालय बनाया जाए, लेकिन कांग्रेस के शासन के दौरान ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अलग सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के बाद सहकारी व्यवस्था को नई दिशा देने का काम किया गया है। दूध संग्रहण में बिचौलियों की भूमिका का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि खुले बाजार में दूध बेचने वाले गोपालकों को कई बार उचित मूल्य नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा कि सहकारी व्यवस्था के विस्तार से दूध उत्पादकों को बेहतर मूल्य दिलाने और बिचौलियों की भूमिका कम करने में मदद मिल सकती है। सम्मेलन के दौरान शाह ने उज्जैन में प्रतिदिन तीन लाख लीटर क्षमता वाले ₹255 करोड़ के दूध प्रसंस्करण संयंत्र का भूमिपूजन किया। केंद्र सरकार के आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार भोपाल में ₹16.5 करोड़ की लागत से बने 40 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले प्रोडक्ट डेयरी प्लांट और ₹12.42 करोड़ की राज्य स्तरीय केंद्रीय प्रयोगशाला का उद्घाटन भी कार्यक्रम का हिस्सा था। शिवपुरी के मिनी डेयरी प्लांट के ₹6.5 करोड़ के सुदृढ़ीकरण कार्य का भी उद्घाटन किया गया। शाह ने दुग्ध उत्पादन में हुई वृद्धि को सरकार की उपलब्धियों से जोड़ते हुए कहा कि भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है। उन्होंने डेयरी क्षेत्र में केवल दूध संग्रहण बढ़ाने के बजाय उससे जुड़े पूरे मूल्यवर्धित इकोसिस्टम को विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दूध से आइसक्रीम, मक्खन, घी, चीज और मावा जैसे उत्पाद तैयार करने के साथ आधुनिक प्रसंस्करण सुविधाओं और मजबूत बाजार नेटवर्क की जरूरत है। उन्होंने कहा कि गोबर से बायोगैस और जैविक उर्वरक बनाने से लेकर दुग्ध उत्पादों की प्रोसेसिंग तथा उन्हें बाजार तक पहुंचाने तक का मजबूत तंत्र विकसित करने पर सरकार काम कर रही है। उनका कहना था कि इससे पशुपालकों की आय बढ़ाने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिल सकती है। कार्यक्रम में भोपाल और इंदौर दुग्ध संघों से जुड़े पशुपालकों को बोनस वितरण तथा ‘गोपालक दीदियों’ के सम्मान का कार्यक्रम भी रखा गया। डेयरी सहकारी समितियों के सदस्यों के बीच कुल ₹15.10 करोड़ का लाभांश वितरित किया जाना था और गौशालाओं को भी वित्तीय सहायता दी जानी थी। अमित शाह ने भोपाल में नवीन न्याय संहिताओं पर आयोजित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया। उन्होंने नए आपराधिक कानूनों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनका उद्देश्य नागरिकों की गरिमा, संपत्ति और जीवन की रक्षा करना तथा दंड के बजाय न्याय को प्राथमिकता देना है। आधिकारिक कार्यक्रम के मुताबिक प्रदर्शनी में मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन से जुड़े कार्यों को भी प्रदर्शित किया गया।
