
मुंबई। महाराष्ट्र के नागपुर में हुई हिंसा को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। महायुति और महाविकास अघाड़ी के नेता एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। इसी बीच उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विधानपरिषद में बड़ा दावा करते हुए उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा। शिंदे ने कहा, कुर्सी के लिए उन्होंने बालासाहेब ठाकरे के विचार छोड़ दिए। कांग्रेस के साथ जाकर उन्होंने सिर्फ सत्ता हासिल की और विचारधारा को ताक पर रख दिया। उनके नेता दिल्ली गए थे और वहां माफी मांगी थी। उन्होंने कहा था कि हमें बचा लो, हम महायुति में शामिल हो जाएंगे, लेकिन मैंने उनका खेल पलट दिया। शिंदे ने यह भी आरोप लगाया कि ठाकरे ने देवेंद्र फडणवीस और गिरीश महाजन को जेल में डालने की योजना बनाई थी। उन्होंने कहा, “उद्धव ठाकरे ने औरंगजेब की विचारधारा अपनाई, लेकिन मैंने उन्हें छोड़ दिया। इसलिए मेरे साथ 60 विधायक आए और हमने हिंदुत्व की सरकार बनाई। आप (ठाकरे) सिर्फ 20 विधायकों को ही जितवा सके। शिंदे ने अनिल परब पर भी निशाना साधते हुए कहा, आप भी दिल्ली गए थे और वहां जाकर माफी मांगी, फिर राज्य में आकर पलटी मार ली। मैं शेर का बच्चा हूं, 80 सीटों पर लड़ा और 60 सीटें जीतीं। नोटिस से डरकर कौन कहां गया, मुझे सब पता है।
उद्धव ठाकरे का पलटवार
वहीं, उद्धव ठाकरे ने पलटवार करते हुए कहा, “यह उनकी सरकार है। गृह मंत्री भी उन्हीं की पार्टी के हैं, तो ये लोग क्या कर रहे हैं? ये किसकी जिम्मेदारी है? हमें हिंदुत्व सिखाने की कोशिश करने वाले हमारे हिंदुत्व पर सवाल उठा रहे हैं। हिम्मत है तो अपने झंडे का हरा रंग हटाकर दिखाओ। ठाकरे ने आगे कहा, औरंगजेब, जिसका जन्म गुजरात में हुआ था और जो महाराष्ट्र आया, उसने महाराष्ट्र को जीतने की कोशिश की, लेकिन छत्रपति शिवाजी महाराज ने उसे जीतने नहीं दिया। अब ये लोग हिंदू-मुसलमान में भेदभाव पैदा कर रहे हैं, लेकिन खुद बांग्लादेश के साथ क्रिकेट खेलते हैं। नागपुर हिंसा को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है, और देखना होगा कि इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।




