पाकिस्तानी खजूर पर DRI का शिकंजा, ₹5.66 करोड़ की 362 टन से अधिक खेप जब्त

UAE का बताकर भारत लाने का आरोप, नासिक के CFS अंबाद में 13 कंटेनर पकड़े; कराची से जेबेल अली के रास्ते खेप भेजे जाने का खुलासा

मुंबई। पाकिस्तान में बने सामान के आयात पर लगी रोक को कथित तौर पर चकमा देकर UAE के रास्ते भारत लाई गई सूखी खजूर की बड़ी खेप पर डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने कार्रवाई की है। DRI की मुंबई जोनल यूनिट ने नासिक के CFS अंबाद में 13 कंटेनरों से 362.75 मीट्रिक टन सूखी खजूर जब्त की है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब ₹5.66 करोड़ बताई गई है। DRI के मुताबिक यह खेप UAE के जेबेल अली से भारत पहुंची थी और आयात दस्तावेजों में खजूर का मूल देश UAE बताया गया था। हालांकि शुरुआती जांच में इसके वास्तव में पाकिस्तान में उत्पादित होने और कराची से UAE होते हुए भारत भेजे जाने की बात सामने आई। खुफिया जानकारी के आधार पर DRI अधिकारियों ने मुंबई की एक कंपनी द्वारा आयात किए गए सूखी खजूर के 13 कंटेनरों को CFS अंबाद में रोका। जांच में कथित तौर पर सामने आया कि माल को पहले कराची बंदरगाह से जेबेल अली बंदरगाह तक एक जहाज के जरिए कंटेनरों में भेजा गया था। जेबेल अली पहुंचने के बाद खजूर को दूसरे कंटेनरों में स्थानांतरित किया गया और फिर अलग जहाज से भारत के लिए रवाना किया गया। DRI को संदेह है कि इस ट्रांसशिपमेंट प्रक्रिया का इस्तेमाल सामान के पाकिस्तानी मूल को छिपाने के लिए किया गया। एजेंसी के एक अधिकारी के अनुसार खेप भेजने की प्रक्रिया में पाकिस्तानी नागरिकों द्वारा संचालित कंपनियों की भूमिका भी सामने आई है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर 2 मई 2025 से पाकिस्तान में बने अथवा वहां से निर्यात होने वाले सामान के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात और ट्रांजिट पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया था। ऐसे में तीसरे देश के रास्ते पाकिस्तानी मूल का सामान भारत भेजना भी प्रतिबंध के दायरे में आता है। DRI के अनुसार एजेंसी ‘ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट’ के तहत तीसरे देशों के रास्ते भारत में भेजे जा रहे पाकिस्तानी मूल के सामान की पहचान कर कार्रवाई कर रही है। इस अभियान के तहत आयात दस्तावेजों में गलत जानकारी देने, ट्रांसशिपमेंट और माल की वास्तविक उत्पत्ति छिपाकर व्यापार प्रतिबंधों से बचने के संभावित तरीकों पर विशेष नजर रखी जा रही है। अब DRI इस बात की जांच कर रही है कि खेप के वास्तविक मूल को छिपाने और आयात दस्तावेजों में UAE को मूल देश बताने की पूरी प्रक्रिया में किन कंपनियों और व्यक्तियों की भूमिका रही। मामले में आगे की जांच जारी है।

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