दिल्ली-NCR में प्रदूषण पर सख्ती, ‘No PUCC, No Fuel’ के लिए पेट्रोल पंपों पर लगेंगे ANPR सिस्टम

भूपेंद्र यादव ने योगी आदित्यनाथ के साथ की उच्चस्तरीय समीक्षा, सड़कों की धूल, पुराने वाहन, पराली और
औद्योगिक प्रदूषण पर मिशन मोड में कार्रवाई के निर्देश

लखनऊ, उत्तर प्रदेश। सर्दियों से पहले दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को मिशन मोड में लागू करने, एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। बैठक में केंद्रीय पर्यावरण राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह, उत्तर प्रदेश के पर्यावरण एवं वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार और परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण कम करने के लिए उठाए जा रहे कदमों का स्वागत करते हुए अधिकारियों को बैठक में तय उपायों पर समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। भूपेंद्र यादव ने कहा कि सर्दियों से पहले उपलब्ध समय का पूरा उपयोग करते हुए प्रदूषण नियंत्रण संबंधी उपायों को तेजी से लागू करना होगा। दिल्ली-NCR की वायु गुणवत्ता में स्पष्ट सुधार के लिए समय पर क्रियान्वयन, प्रभावी समन्वय और सख्त प्रवर्तन महत्वपूर्ण होगा।
पेट्रोल पंपों पर ANPR, पुराने वाहनों पर भी फोकस
वाहनों से होने वाले प्रदूषण की समीक्षा के दौरान केंद्रीय मंत्री ने उत्तर प्रदेश के NCR क्षेत्र में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने और EV चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के काम में तेजी लाने को कहा। उन्होंने ‘No PUCC, No Fuel’ व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए सभी पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) सिस्टम लगाने पर जोर दिया। पुराने और अनुपयुक्त वाहनों की वैज्ञानिक तरीके से स्क्रैपिंग को प्रोत्साहित करने के साथ पात्र पुराने वाहनों को NCR से बाहर स्थानांतरित करने के लिए NOC जारी करने की प्रक्रिया तेज करने को कहा गया। ‘परिवर्तन योजना’ के तहत पुराने प्रदूषणकारी वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों से बदलने में भी तेजी लाने पर जोर दिया गया।
सड़क की धूल रोकने के लिए पक्कीकरण और हरियाली
सड़कों से उड़ने वाली धूल को प्रदूषण का महत्वपूर्ण कारण बताते हुए यादव ने सड़कों के एंड-टू-एंड पक्कीकरण, फुटपाथ निर्माण, गड्ढों की पहचान एवं मरम्मत, सड़क किनारे स्थानीय प्रजातियों के पौधे और घास लगाने तथा सड़कों की गहन सफाई को प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों की कमी दूर करने के साथ सभी मशीनों की जियो-टैगिंग का सुझाव दिया, ताकि सफाई कार्यों की रियल टाइम निगरानी की जा सके और जवाबदेही सुनिश्चित हो।
उद्योगों के उत्सर्जन की ऑनलाइन निगरानी
औद्योगिक प्रदूषण की समीक्षा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने औद्योगिक इकाइयों में ऑनलाइन कंटीन्यूअस एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम (OCEMS) और एयर पॉल्यूशन कंट्रोल डिवाइस लगाने की प्रक्रिया तेज करने पर जोर दिया। निर्माण एवं विध्वंस से निकलने वाले कचरे के लिए सेकेंडरी कलेक्शन सेंटर जल्द स्थापित करने और पुराने जमा कचरे के निस्तारण को युद्धस्तर पर करने को कहा गया।
पराली जलाने की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए क्रॉप रेजिड्यू मैनेजमेंट (CRM) मशीनों की उपलब्धता में कमी दूर करने तथा किसानों को इनके इस्तेमाल के लिए प्रशिक्षण और व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। भूपेंद्र यादव ने कहा कि वायु प्रदूषण से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए ‘Whole of Government’ और ‘Whole of Society’ दृष्टिकोण जरूरी है। नियमों का पालन, आधुनिक तकनीक और नवाचार के साथ आम नागरिकों की भागीदारी भी प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण है।

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