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मुख्य सचिव एस.पी.गोयल ने मंडलायुक्तों व जिलाधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक, 16 अगस्त से शुरू होगी खरीफ-2026 ई-खसरा पड़ताल

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देवेश प्रताप सिंह राठौर
लखनऊ, उत्तर प्रदेश।
मुख्य सचिव एस.पी.गोयल ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक कर विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए।
फार्मर रजिस्ट्री में तेजी लाने के निर्देश
फार्मर रजिस्ट्री की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी जिलाधिकारी नियमित मॉनिटरिंग करते हुए फार्मर रजिस्ट्री में पंजीकरण की गति को और तेज करें तथा शत-प्रतिशत किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित कराएं। जिन क्षेत्रों में कार्य की प्रगति अपेक्षाकृत धीमी है, वहां विशेष प्रयास किए जाएं, ताकि भारत सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध एवं शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित हो सके। बैठक में बताया गया कि भारत सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष प्रदेश में 85 प्रतिशत यानी 2,45,94,831 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है, जिससे उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर 10वें स्थान पर पहुंच गया है। गाजियाबाद एवं रामपुर ने भारत सरकार के लक्ष्य के अनुसार 100 प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री पूरी कर ली है। वहीं, प्रदेश में गाटों के अंश निर्धारण का कार्य 88.92 प्रतिशत पूरा हो चुका है। अमरोहा, हरदोई, पीलीभीत, शाहजहांपुर, महोबा, बहराइच, हमीरपुर, मुरादाबाद तथा ललितपुर ने 99 प्रतिशत अंश निर्धारण कार्य पूर्ण कर प्रदेश में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है।
16 अगस्त से शुरू होगी खरीफ-2026 ई-खसरा पड़ताल
मुख्य सचिव ने बताया कि खरीफ-2026 ई-खसरा पड़ताल (डिजिटल क्रॉप सर्वे) अभियान 16 अगस्त 2026 से प्रारंभ होगा। इसके सफल संचालन के लिए सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि आवश्यक संख्या में सर्वेयरों का चयन एवं ऑनबोर्डिंग करने के साथ सभी सर्वेयरों का प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए। सर्वे प्रारंभ होने से पहले सभी सर्वेयरों को शत-प्रतिशत कार्य आवंटित कर दिया जाए, ताकि अभियान निर्धारित समय पर सुचारु रूप से संचालित हो सके।
नंद बाबा दुग्ध मिशन का लाभ अधिक से अधिक पात्रों तक पहुंचाने के निर्देश
नंद बाबा दुग्ध मिशन की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तर प्रदेश को दुग्ध उत्पादन में अग्रणी बनाए रखने के लिए प्रत्येक जनपद में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दिया जाए। प्रत्येक गांव में दुग्ध सहकारी समितियों के गठन को लक्ष्य बनाकर कार्य किया जाए तथा दुग्ध उत्पादकों को गांव स्तर पर ही उचित मूल्य पर दूध बेचने की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने मिशन की विभिन्न योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से लाभान्वित करने के निर्देश दिए। साथ ही जनपदों को आवंटित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में बताया गया कि मिशन के अंतर्गत 35 प्रतिशत बैंक ऋण की अनिवार्यता समाप्त कर इसे वैकल्पिक बना दिया गया है। अब लाभार्थी स्वयं की वित्तीय व्यवस्था से भी इकाई स्थापित कर सकते हैं और अनुदान की राशि सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की जाएगी।
अगस्त में प्रत्येक जनपद में होगा दुग्ध कॉन्क्लेव
आगामी अगस्त माह में प्रदेश के प्रत्येक जनपद में दुग्ध कॉन्क्लेव आयोजित किए जाएंगे। इनमें जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ अधिकारियों एवं बैंक अधिकारियों की सहभागिता रहेगी। कार्यक्रमों के माध्यम से दुग्ध उत्पादकों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने के साथ उनकी समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जाएगा।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों में शिथिलता न बरतने के निर्देश
बाढ़ से बचाव एवं राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य पूरी तत्परता, समन्वय और संवेदनशीलता के साथ संचालित किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहत कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। मुख्य सचिव ने प्रभावित परिवारों को समय पर राशन किट उपलब्ध कराने, जिलाधिकारियों द्वारा नियमित रूप से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण करने और राहत कार्यों की सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही संवेदनशील स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतने को कहा। बैठक में अपर मुख्य सचिव पशुधन मुकेश कुमार मेश्राम, प्रमुख सचिव कृषि रवीन्द्र, प्रमुख सचिव राजस्व अपर्णा यू., राहत आयुक्त हृषिकेश भास्कर यशोद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। जनपद झांसी से मंडलायुक्त बिमल कुमार दुबे, जिलाधिकारी गौरांग राठी, मुख्य विकास अधिकारी रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड, अपर जिलाधिकारी प्रशासन शिव प्रताप शुक्ल, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व पल्लवी मिश्रा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

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