मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल ने जनगणना 2027 के दूसरे चरण के लिए विभागों को समन्वय से काम करने के दिए निर्देश

मुंबई। जनगणना 2027 के दूसरे चरण में होने वाली जनसंख्या गणना के प्रभावी संचालन के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं। सोमवार को मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि जनगणना के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सूक्ष्म नियोजन कर समयबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाए। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित राज्यस्तरीय जनगणना समन्वय समिति की दूसरी बैठक में जिलास्तरीय प्रशिक्षण, प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की नियुक्ति, स्व-गणना तथा क्षेत्रीय कार्यों की तैयारियों की समीक्षा की गई। जनगणना 2027 का पहला चरण, यानी घर सूचीकरण और मकान गणना, मई-जून 2026 में पूरा किया जा चुका है। अब दूसरे चरण से संबंधित गतिविधियां मार्च 2027 तक पूरे राज्य में संचालित की जाएंगी। दूसरे चरण के लिए आवश्यक मानवबल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से होमगार्ड, वन विभाग, जिला परिषद और शिक्षकों सहित अन्य पात्र कर्मचारियों को प्रगणक और पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए स्थानीय स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाने और राज्य सरकारी कर्मचारियों को स्वयं तथा अपने परिवार की स्व-गणना के लिए प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया। बैठक में जनगणना कार्य संचालनालय की निदेशक एवं केंद्र सरकार की संयुक्त सचिव डॉ. निरुपमा जे. डांगे ने पहले चरण की प्रगति और दूसरे चरण की तैयारियों की जानकारी दी। इस अवसर पर शालेय शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव रणजितसिंह देओल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
