चार माह पहले पूरा हुआ 130 वर्ष पुराने पुल का पुनर्निर्माण

मुंबई। विकास कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखते हुए उन्हें तय समय से पहले पूरा करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसी क्रम में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन के समीप स्थित 130 वर्ष पुराने पुल के पुनर्निर्माण का कार्य निर्धारित समय सीमा से चार महीने पहले, मात्र 15 महीनों में पूरा कर लिया है। गुरुवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस उपलब्धि की सराहना करते हुए इसे अभिनंदनीय बताया। उन्होंने घोषणा की कि इस पुल का नामकरण पुण्यश्लोक राजमाता अहिल्यादेवी होळकर के नाम पर किया जाएगा।
मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन के पास बना नया पुल यातायात के लिए राहत
बृहन्मुंबई महानगरपालिका द्वारा आयोजित लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि यह पुल अपनी आयु पूरी कर चुका था और यातायात की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण था। इसलिए इसका पुनर्निर्माण शीघ्र पूरा करना आवश्यक था। उन्होंने महानगरपालिका के अधिकारियों और कर्मचारियों को समय से पहले काम पूरा करने के लिए बधाई दी। उन्होंने बताया कि मुंबई में ऐसे छह अन्य पुलों का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और अगले दो-तीन महीनों में उनका भी लोकार्पण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि महानगर पालिका से चर्चा कर इस पुल का नाम पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर के नाम पर रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि अहिल्यादेवी होळकर एक आदर्श प्रशासक थीं, जिन्होंने सुशासन, धर्मनिष्ठा, कानून-व्यवस्था और लोककल्याण का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने देशभर में मंदिरों, घाटों और सामाजिक संरचनाओं का निर्माण कराया तथा महिलाओं के सशक्तिकरण और लघु उद्योगों को बढ़ावा दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके कार्य आज भी प्रेरणा देते हैं और उनके नाम पर पुल का नामकरण गौरव का विषय है।
एकनाथ शिंदे ने भी की सराहना
लोकार्पण कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे दूरदृश्य प्रणाली के माध्यम से शामिल हुए। उन्होंने कहा कि पुल का समय पर और गुणवत्तापूर्ण निर्माण नागरिकों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगा। राज्य सरकार ने कई लंबित परियोजनाओं को गति देकर पूरा किया है और आगे भी मुंबईकरों की अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कार्य जारी रहेंगे। कार्यक्रम में विधान परिषद के सभापति प्रा. राम शिंदे, मंत्री मंगलप्रभात लोढा, दत्तात्रय भरणे सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। सरकार ने स्पष्ट किया कि विकास की गति और गुणवत्ता को बनाए रखते हुए राज्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य निरंतर जारी रहेगा।




