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महाराष्ट्र के हर जिले में खुलेंगे CET विद्यार्थी सहायता केंद्र, 10 जून से शुरू होंगी सेवाएं

मुंबई। महाराष्ट्र के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने घोषणा की है कि राज्य के विद्यार्थियों को सीईटी परीक्षा, केंद्रीकृत प्रवेश प्रक्रिया (CAP), छात्रवृत्ति योजनाओं और प्रवेश संबंधी मार्गदर्शन उनके अपने जिले में उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक जिले में ‘सीईटी विद्यार्थी सहायता केंद्र’ स्थापित किए जाएंगे। मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री पाटील ने कहा कि विद्यार्थियों को शैक्षणिक भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए विश्वसनीय जानकारी और सही मार्गदर्शन आसानी से उपलब्ध होना चाहिए। इसी उद्देश्य से राज्य के सभी जिलों में ये केंद्र शुरू किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों को प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित कार्यों के लिए बार-बार बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
36 जिलों में 40 सहायता केंद्र, 10 जून से शुरू होंगी सेवाएं
बैठक में बताया गया कि राज्य के 36 जिलों में कुल 40 सीईटी विद्यार्थी सहायता केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। मुंबई में तीन, पुणे में दो और नागपुर में दो केंद्र संचालित होंगे। अब तक 26 केंद्रों का कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि छह केंद्र अंतिम चरण में हैं। शेष आठ केंद्र भी जल्द शुरू किए जाएंगे। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव बी. वेणुगोपाल रेड्डी, महाराष्ट्र राज्य सामाईक प्रवेश परीक्षा कक्ष के आयुक्त दिलीप सरदेसाई तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे। सभी केंद्रों की सेवाएं 10 जून 2026 से विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध होंगी।
प्रवेश, छात्रवृत्ति, करियर मार्गदर्शन और शिकायत निवारण की मिलेगी सुविधा
इन सहायता केंद्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को सीईटी परीक्षा, CAP राउंड, पात्रता मानदंड, आवेदन प्रक्रिया, परीक्षा कार्यक्रम और विभिन्न पाठ्यक्रमों की विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी। इसके अलावा छात्रवृत्ति योजनाओं, करियर मार्गदर्शन, प्रिडिक्टिव काउंसलिंग, प्रवेश प्रक्रिया, दस्तावेज अपलोड, आवेदन शुल्क भुगतान, हॉल टिकट संबंधी समस्याओं तथा तकनीकी शिकायतों के समाधान की सुविधा भी उपलब्ध होगी। केंद्र विद्यार्थियों की शंकाओं और शिकायतों का निवारण करने के साथ-साथ उन्हें उनकी योग्यता, रुचि और क्षमता के अनुरूप उपयुक्त पाठ्यक्रम तथा संस्थान चुनने में सहायता करेंगे। मंत्री चंद्रकांत पाटील ने कहा कि यह पहल विद्यार्थियों को पारदर्शी, सरल और सुलभ प्रवेश प्रक्रिया उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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