अमरावती संभाग के पांच जिलों में सूखे और फसल नुकसान की केंद्रीय टीम ने की समीक्षा

वाशिम में बैठक के बाद प्रभावित गांवों का दौरा, किसानों से संवाद कर फसल और जल संकट का लिया जायजा

वाशिम। केंद्र सरकार की अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम ने शुक्रवार को अमरावती संभाग के पांचों जिलों में सूखे की स्थिति और फसल नुकसान की वाशिम में समीक्षा की। बैठक के बाद टीम ने वाशिम जिले के विभिन्न सूखा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर फसलों की क्षति और जल संकट की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। केंद्रीय टीम में वरिष्ठ अधिकारी अर्जेश कुमार मधोक, महेश कुमार, सीमा रानी, संजय मीना और अभय भारत शामिल रहे। वाशिम जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित बैठक में वाशिम के जिलाधिकारी योगेश कुंभेजकर, यवतमाल के जिलाधिकारी विकास मीना, अमरावती के जिलाधिकारी आशीष येरेकर, बुलढाणा के जिलाधिकारी प्रवीणकुमार देवरे, अकोला की जिलाधिकारी वर्षा मीना, वाशिम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अर्पित चौहान और कृषि सहसंचालक गणेश घोरपडे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। राज्य में सूखे की स्थिति का आकलन करने के लिए केंद्र सरकार ने 11 सदस्यीय टीम गठित की है। इसमें कृषि, जल संसाधन, ग्रामीण विकास, जलापूर्ति, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण, पशुपालन, वित्त विभाग और नीति आयोग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हैं। बैठक में अमरावती संभाग के पांचों जिलों के जिलाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में सूखे की स्थिति पर प्रस्तुतीकरण दिया। इस दौरान कम बारिश से उत्पन्न हालात, फसलों का नुकसान, पेयजल की उपलब्धता, संभावित टैंकर आवश्यकता, कृषि पर निर्भर मजदूरों और भूमिधारकों की समस्याओं तथा श्रमिकों के संभावित पलायन जैसे मुद्दों की जानकारी केंद्रीय टीम को दी गई।
टीम ने पांचों जिलों में वर्षा की स्थिति, खेती को हुए नुकसान, पशुओं के चारे की उपलब्धता और आगामी सात महीनों में संभावित परिस्थितियों का भी आकलन किया। कम वर्षा के कारण पेयजल स्रोतों पर पड़े प्रभाव, तालाबों और गांवों के जलस्रोतों की मौजूदा स्थिति की जानकारी भी अधिकारियों ने दी। बैठक के बाद केंद्रीय टीम ने वाशिम जिले के कई गांवों का दौरा किया। वाशिम तालुका के सुपखेला में किसान दयाराम विठ्ठल राऊत के खेत का निरीक्षण कर फसल नुकसान देखा गया। इसके बाद मंगरूळपीर तालुका के स्वासिन स्थित लघु सिंचाई परियोजना का निरीक्षण कर क्षेत्र में पानी की कमी की स्थिति का जायजा लिया गया। टीम ने कोठारी में किसान दिलीप दुबळगुंड के खेत का भी निरीक्षण किया। दौरे के अगले चरण में टीम ने मानोरा तालुका के कुपटा में मोहम्मद सादिक मोहम्मद शफी, कारंजा तालुका के काळीकारंजा में त्र्यंबक फकिरा गुल्हाने तथा पानविहीर में रमेश भाऊराव थेर के खेतों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने किसानों से सीधे बातचीत कर फसल नुकसान, पानी की कमी और अन्य समस्याओं की जानकारी ली। केंद्रीय टीम दुष्काळ प्रभावित क्षेत्रों में फसल नुकसान, जल संकट और जमीनी परिस्थितियों का वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन कर अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेगी। इसके आधार पर आवश्यक राहत और उपायों पर आगे निर्णय लिया जाएगा। वाशिम का दौरा पूरा करने के बाद केंद्रीय टीम यवतमाल जिले के लिए रवाना हो गई।

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