हत्या के मामले में छह आरोपी गिरफ्तार

पुराने विवाद में हत्या का खुलासा, शव समुद्र किनारे फेंककर सबूत मिटाने की कोशिश का आरोप

मुंबई। वर्सोवा बीच पर बोरे में मिले एक अज्ञात व्यक्ति के शव की गुत्थी मुंबई पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। पुलिस ने मृतक की पहचान बसंतलाल सुखदेव कोरी के रूप में की है और हत्या के मामले में मुख्य आरोपी समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जुगराज रामनाथ यादव (59), संतोष वृंदावन मिश्रा (65), शिवम संतोष मिश्रा (27), मीरा संतोष मिश्रा (56), अंजू संतोष मिश्रा (34) और वंदना संतोष मिश्रा (29) के रूप में हुई है। मामला 1 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 8:45 बजे सामने आया था, जब अंधेरी पश्चिम के देवाची वाडी के पास समुद्र तट पर एक बोरे में शव मिला। वर्सोवा पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और 238 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। अपराध की गंभीरता को देखते हुए नॉर्थ रीजन-1 के अलग-अलग पुलिस थानों के कर्मचारियों की छह विशेष टीमें बनाई गईं। मुखबिरों से मिली जानकारी और तकनीकी जांच के आधार पर मृतक की पहचान बसंतलाल कोरी के रूप में हुई। जांच में सामने आया कि कोरी मलाड पश्चिम में संतोष मिश्रा के यहां सब्जी विक्रेता के रूप में काम करता था। पुलिस जब संतोष मिश्रा की तलाश में पहुंची तो वह अपने परिवार के साथ घर छोड़कर जा चुका था। दुकान पर काम करने वाले कुछ अन्य कर्मचारी भी मुंबई से बाहर चले गए थे, जिसके बाद पुलिस का संदेह और गहरा गया।
उत्तर प्रदेश से पकड़ा गया एक आरोपी
तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की सूचना के आधार पर पुलिस की दो टीमें उत्तर प्रदेश भेजी गईं। स्थानीय पुलिस की मदद से जुगराज यादव को 7 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, जांच में पता चला कि मृतक और आरोपियों के बीच पहले से विवाद था। इसी रंजिश के चलते कथित तौर पर उसके सिर पर हमला किया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को बोरे में भरकर समुद्र किनारे फेंक दिया गया ताकि सबूत मिटाए जा सकें। पुलिस का कहना है कि वारदात के बाद आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए अलग-अलग राज्यों में चले गए थे।
13 अक्टूबर को मुख्य आरोपी तक पहुंची क्राइम ब्रांच
इस बीच 13 अक्टूबर को मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट-9 ने मुख्य आरोपी संतोष मिश्रा और अन्य आरोपियों का पता लगाकर उन्हें हिरासत में लिया और आगे की जांच के लिए वर्सोवा पुलिस को सौंप दिया। पूरी कार्रवाई पुलिस उपायुक्त पुरुषोत्तम कराड के मार्गदर्शन में की गई। जांच में सहायक पुलिस आयुक्त ज्ञानेश्वर अवारी, वर्सोवा पुलिस स्टेशन की वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दीपशिखा भाग्यलक्ष्मी अवध वारे, वर्सोवा क्राइम डिटेक्शन टीम, मलाड पुलिस और क्राइम ब्रांच यूनिट-9 की टीम ने सहयोग किया। पुलिस अब हत्या की पूरी साजिश, प्रत्येक आरोपी की भूमिका और शव को समुद्र तट तक पहुंचाने की प्रक्रिया की विस्तृत जांच कर रही है।

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