
मुंबई। जैन समाज के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। गुरुवार को जैन अल्पसंख्यक विकास आर्थिक महामंडल की चौथी बैठक में मुंबई, नवी मुंबई, पुणे सहित राज्य के सात स्थानों पर छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावास (हॉस्टल) बनाने का निर्णय लिया गया। बैठक मुंबई स्थित सह्याद्री अतिथि गृह में महामंडल के अध्यक्ष ललित गांधी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में महामंडल की ऋण एवं ब्याज प्रतिपूर्ति योजनाओं के संशोधित प्रारूप को मंजूरी दी गई। साथ ही ‘विहारधाम निर्माण योजना’ तथा ‘पाठशाला आधुनिकीकरण एवं सशक्तिकरण योजना’ को लागू करने पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त महामंडल (एनएमडीएफसी) से वित्तीय सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया की समीक्षा भी की गई। विद्यार्थियों की बढ़ती मांग को देखते हुए राज्य के सात प्रमुख शहरों में जैन समाज के छात्र-छात्राओं के लिए आधुनिक छात्रावास स्थापित करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा ‘मराठी जैन साहित्य विश्वकोश’ तैयार करने के लिए समयबद्ध कार्यक्रम तय करने का निर्णय भी लिया गया। कौशल विकास विभाग के सहयोग से जैन युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम तथा अन्य रोजगारोन्मुख योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए विभिन्न योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी चर्चा हुई। बैठक में मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जैन समाज की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने तथा महामंडल की योजनाओं की जानकारी समाज के प्रमुख प्रतिनिधियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से नई दिल्ली में विशेष बैठक आयोजित करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया।
इस अवसर पर महामंडल के अध्यक्ष ललित गांधी की सराहना करते हुए समन्वयक संदीप भंडारी ने अभिनंदन प्रस्ताव प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि ललित गांधी के प्रयासों से राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त महामंडल के साथ हुए समझौते के माध्यम से जैन अल्पसंख्यक आर्थिक विकास महामंडल के लिए 100 करोड़ रुपये का वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर उनके कार्यों की प्रशंसा की।
बैठक में अल्पसंख्यक विकास विभाग की सचिव माधवी खोड़े-चव्हरे, प्रबंध निदेशक मेघना शिंदे, महिला आर्थिक विकास महामंडल की कार्यक्रम प्रबंधक गौरी दोंदे, वित्त विभाग की अधिकारी रचना तळेकर, कौशल विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी आनंद माळी, समन्वयक संदीप भंडारी तथा महामंडल के सदस्य रावसाहेब पाटील, सुनील पाटणी, विकास अच्छा, अमित जैन, दर्शना जैन, विश्वजीत कोल्हापुरे और प्रशांत गौडाजे उपस्थित थे।



