ग्राम रक्सा में बनी दुकानों का दोबारा होगा ऑक्शन, पारदर्शी तरीके से किया जाएगा आवंटन

डीएम गौरांग राठी ने क्षेत्र पंचायतों में आय के नए स्रोत विकसित करने पर दिया जोर; स्कूल-कॉलेज, अस्पताल और आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए एप्रोच रोड बनाने के निर्देश
देवेश प्रताप सिंह राठौर/झांसी, उत्तर प्रदेश। जिलाधिकारी एवं जिला स्वच्छता समिति के अध्यक्ष गौरांग राठी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में जिला स्वच्छता समिति एवं पंचायती राज विभाग की योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिलाधिकारी ने क्षेत्र पंचायतों और ग्राम पंचायतों को स्वयं की आय के स्रोत विकसित करने पर विशेष जोर देते हुए ग्राम रक्सा में रूरल मार्ट के अंतर्गत बनाई गई दुकानों का पुनः ऑक्शन कर पारदर्शी तरीके से आवंटन करने के निर्देश दिए। उन्होंने दुकानों के लिए दोबारा आवेदन आमंत्रित करने तथा पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रखने को कहा और संबंधित ग्राम प्रधान एवं सचिव के संबंध में कार्रवाई के निर्देश भी दिए। जिलाधिकारी ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित बड़े बाजारों को चिन्हित कर प्रभावी कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था विकसित करने को कहा। उन्होंने स्थानीय दुकानदारों के सहयोग से ओएसआर (Own Source Revenue) सृजित करते हुए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रणाली मजबूत करने, बायोगैस संयंत्रों से निकलने वाली गैस और स्लरी का बेहतर प्रबंधन करने तथा जहां संभव हो छोटी दुकानों के माध्यम से रोजगार के अवसर पैदा करने पर जोर दिया। स्वयं की आय सृजित करने वाली ग्राम पंचायतों में ग्रामीण हाट बाजार स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने 15वें केंद्रीय वित्त आयोग के तहत क्षेत्र पंचायतों के वित्तीय वर्ष 2026-27 के कार्यों और राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान में उपलब्ध धनराशि के सापेक्ष व्यय की समीक्षा करते हुए विकासखंड मोंठ में उपलब्ध एवं खर्च की गई धनराशि के संबंध में सभी सूचनाओं सहित विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने क्षेत्र पंचायतों के अंतर्गत आने वाले स्कूलों, इंटर कॉलेजों, सीएचसी और पीएचसी के लिए एप्रोच रोड बनाने के प्रस्ताव तैयार करने के साथ सीडीपीओ कार्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में संसाधनों की कमी दूर करने के लिए भी प्रस्ताव देने को कहा। प्रस्ताव तैयार करते समय ब्लॉक प्रमुखों की प्राथमिकता वाले कार्यों को शामिल करने का सुझाव दिया गया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि क्षेत्र के स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, सीएचसी-पीएचसी, सब सेंटर और आरोग्य मंदिरों को हर घर नल जल योजना से जोड़ना सुनिश्चित किया जाए, ताकि इन संस्थानों में पानी की नियमित उपलब्धता हो सके। बैठक में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत व्यक्तिगत शौचालय निर्माण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ के तहत स्वच्छ पाठशाला-युवा फॉर स्वच्छता, सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई, जनभागीदारी अभियान, स्वच्छता के लिए खेल, आयोजनों के बाद सफाई अभियान, विश्व पर्यटन दिवस पर पर्यटन स्थलों की सफाई, स्वच्छता से समृद्धि, सफाई मित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविर तथा ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ सहित प्रस्तावित गतिविधियों की प्रगति और तैयारियों की भी समीक्षा की गई। बैठक के अंत में जिला पंचायत राज अधिकारी डॉ. बाल गोविंद श्रीवास्तव ने उपस्थित अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी एवं जिला स्वच्छता समिति के उपाध्यक्ष रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड, सहायक निदेशक सूचना सुरजीत सिंह, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी डी.के. शर्मा, बीएसए जितेंद्र कुमार गौड़, डीपीओ दिनेश सिंह राजपूत, डॉ. उत्सव राज, दिनेश कुमार सिंह सहित समिति के सदस्य, ब्लॉक प्रमुख गुरसराय, जिला स्तरीय अधिकारी, अपर जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला कंसल्टेंट एवं जिला परियोजना प्रबंधक उपस्थित रहे।
