सामाजिक न्याय विभाग में 39 नए अधिकारियों को नियुक्ति पत्र
MPSC के जरिए सहायक आयुक्त और जिला समाज कल्याण अधिकारी पदों पर चयन; एकनाथ शिंदे बोले—वंचित और कमजोर वर्गों तक समय पर पहुंचाएं सरकारी योजनाओं का लाभ

मुंबई। महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) के माध्यम से चयनित सामाजिक न्याय विभाग के 39 नवनियुक्त सहायक आयुक्त और जिला समाज कल्याण अधिकारी (ग्रुप-A) को ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने नवनियुक्त अधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए उनसे प्रशासन को अधिक संवेदनशील, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट, समाज कल्याण के अतिरिक्त आयुक्त सुरेंद्र पवार सहित मंत्रालय और समाज कल्याण आयुक्तालय, पुणे के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। महाराष्ट्र सरकार की आधिकारिक वेबसाइट भी संजय शिरसाट को सामाजिक न्याय मंत्री और सुरेंद्र पवार को अतिरिक्त आयुक्त (समाज कल्याण) के रूप में सूचीबद्ध करती है। नवनियुक्त अधिकारियों से संवाद करते हुए शिंदे ने कहा कि सामाजिक न्याय विभाग की जिम्मेदारी बेहद महत्वपूर्ण है। समाज के वंचित, कमजोर, पीड़ित, दलित और दिव्यांग वर्गों की आशाओं तथा सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के बीच सामाजिक न्याय विभाग एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करता है। उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समय पर और प्रभावी तरीके से पहुंचाने में क्षेत्रीय स्तर पर कार्यरत अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। सामाजिक न्याय विभाग की प्रशासनिक संरचना में सहायक आयुक्त और जिला समाज कल्याण अधिकारी जिला स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालते हैं। राज्य में चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत सेवा, समर्पण और संकल्प की भावना के साथ प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक गतिशील, पारदर्शी और जनता के प्रति जवाबदेह तरीके से काम करने का संदेश दिया जा रहा है। इसी क्रम में सामाजिक न्याय विभाग के नवनियुक्त अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। शिंदे ने अधिकारियों से कहा कि सरकारी सेवा को केवल नौकरी के रूप में न देखते हुए समाज के जरूरतमंद और वंचित लोगों तक योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुंचाने की जिम्मेदारी के रूप में लिया जाना चाहिए। पात्र व्यक्ति को योजना का लाभ मिलने में अनावश्यक देरी न हो और प्रशासन के प्रति नागरिकों का विश्वास मजबूत हो, इस दिशा में अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करना होगा।
