
साकीनाका में मेंटेनेंस के दौरान खुला छोड़ा गया था मैनहोल, सुरक्षा इंतजाम नहीं होने से हादसा; मेयर ने जांच और दोषियों पर कार्रवाई के दिए निर्देश
मुंबई। मुंबई के साकीनाका स्थित खैरानी रोड पर गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में एक व्यक्ति की खुले मैनहोल में गिरने से मौत हो गई। करीब चार घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मुंबई अग्निशमन दल ने व्यक्ति का शव बाहर निकाला। मृतक की पहचान असलम शेख के रूप में हुई है। घटना के बाद नगर निगम की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 10 बजे खैरानी रोड पर एक निजी ठेकेदार द्वारा रखरखाव का काम किया जा रहा था। इस दौरान मैनहोल का ढक्कन हटाया गया था, लेकिन वहां न तो बैरिकेडिंग की गई थी और न ही कोई चेतावनी संकेत लगाए गए थे। इसी दौरान असलम शेख को खुले मैनहोल का अंदाजा नहीं लगा और संतुलन बिगड़ने से वह सीधे उसमें जा गिरे। घटना की सूचना मिलते ही बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी), अग्निशमन दल और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और युद्धस्तर पर बचाव अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान शेख की छतरी और चप्पल बरामद हुई, जिससे आशंका जताई गई कि तेज बहाव के कारण वह नाले में बह गए होंगे। करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद अग्निशमन दल ने उन्हें बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए नजदीकी अस्पताल भेज दिया गया। उपमहापौर संजय घाडी ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद असलम शेख को बाहर निकाला गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।वहीं, मुंबई की महापौर रितू तावडे ने कहा कि संबंधित स्थान पर आखिर किस प्रकार का काम चल रहा था, इसकी जानकारी स्वयं महानगरपालिका के पास भी नहीं थी। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने और लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इस हादसे के बाद मुंबई में खुले मैनहोल का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में खुले मैनहोल नागरिकों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं।गौरतलब है कि पिछले सप्ताह भारी बारिश के दौरान निरीक्षण दौरे पर निकलीं महापौर रितू तावडे की मौजूदगी में भी एक बीएमसी अधिकारी खुले नाले में गिर गया था। अब साकीनाका में हुई इस घटना के बाद नागरिकों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ गई है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सत्तारूढ़ प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए जा रहे हैं।



