जव्हार PWD में ₹73 लाख की कथित हेराफेरी, जांच के बाद सरकारी खाते में लौटी रकम
बेरोजगार इंजीनियरों के नाम आवंटित कामों का भुगतान दूसरी कंपनी को करने का आरोप, पालघर SP ने शिकायत दर्ज कराने के दिए निर्देश

पालघर। सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के जव्हार डिवीजन में ₹73.13 लाख की कथित वित्तीय अनियमितता सामने आई है। जांच में आरोप है कि शिक्षित बेरोजगार इंजीनियरों के नाम पर आवंटित सात कार्यों के रिकॉर्ड में फेरबदल कर ₹73,13,884 का भुगतान मूल ठेकेदारों के बजाय जिजाऊ कंस्ट्रक्शन, विक्रमगढ़ को किया गया। मामला सामने आने के बाद सितंबर के पहले सप्ताह में संबंधित रकम सरकारी खाते में वापस जमा कर दी गई। मामला PWD के ठाणे सर्कल के अंतर्गत कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान सामने आया। वर्ष 2014-15 के सात अनुबंधों के तहत ये कार्य शिक्षित बेरोजगार इंजीनियरों को दिए गए थे। आरोप है कि 31 मार्च 2019 को भुगतान के दौरान ऑनलाइन कैशबुक, कैशबुक और अन्य दस्तावेजों में बदलाव कर दूसरी कंपनी के नाम रकम ट्रांसफर की गई। पालघर के पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख ने 28 अगस्त को जव्हार डिवीजन के कार्यकारी अभियंता को जव्हार पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए। कार्यकारी अभियंता संजय डोंगरे के मुताबिक आगे की कार्रवाई के लिए ठाणे सर्कल के अधीक्षण अभियंता सिद्धार्थ तांबे से मार्गदर्शन मांगा गया है। विक्रमगढ़ के विधायक हरिश्चंद्र भोये ने मामले सहित संबंधित कंपनियों से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं की SIT जांच की मांग की है। वहीं पालकमंत्री गणेश नाइक ने कहा कि यदि सरकारी बिल फाइलों में गलत तरीके से बदलाव कर रकम निकाली गई है तो पैसा वापस किए जाने के बावजूद मामले की जांच होनी चाहिए। फिलहाल रिकॉर्ड में कथित बदलाव किसने किया, भुगतान किन परिस्थितियों में हुआ और संबंधित अधिकारियों अथवा ठेकेदारों की क्या जिम्मेदारी बनती है, इसकी जांच जारी है।
