महाराष्ट्र के महामार्गों पर शुरू होगी हवाई एंबुलेंस सेवा, गंभीर घायलों को मिलेगा तत्काल उपचार
समृद्धि महामार्ग, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और मुंबई-गोवा महामार्ग को प्राथमिकता, नए साल की शुरुआत में सेवा शुरू करने की योजना

मुंबई। महाराष्ट्र के प्रमुख महामार्गों पर होने वाली गंभीर सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने और उनकी जान बचाने के उद्देश्य से राज्य सरकार हवाई एंबुलेंस सेवा शुरू करने की तैयारी कर रही है। मंगलवार को परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने मंत्रालय में आयोजित बैठक में संबंधित अधिकारियों को इस परियोजना के लिए प्रभावी आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। मंत्री सरनाईक ने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद का पहला घंटा, जिसे चिकित्सा क्षेत्र में ‘गोल्डन आवर’ कहा जाता है, घायल व्यक्ति की जान बचाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में गंभीर रूप से घायल लोगों को कम से कम समय में ट्रॉमा केयर सेंटर तक पहुंचाने के लिए हवाई एंबुलेंस सेवा उपयोगी साबित हो सकती है। बैठक में निर्णय लिया गया कि इस परियोजना के लिए 15 नवंबर तक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार कर उसकी मंजूरी प्राप्त की जाएगी। इसके बाद नवंबर के अंत तक उच्चाधिकार समिति की स्वीकृति लेकर निविदा प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। राज्य सरकार की योजना नए वर्ष की शुरुआत में हवाई एंबुलेंस सेवा शुरू करने की है। प्रारंभिक चरण में समृद्धि महामार्ग, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और मुंबई-गोवा महामार्ग को प्राथमिकता दी जाएगी। इन मार्गों पर गंभीर दुर्घटनाओं के समय घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने और उन्हें आवश्यकतानुसार विशेष उपचार केंद्रों तक पहुंचाने की व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया जाएगा। परिवहन मंत्री सरनाईक ने कहा कि दुर्घटना के बाद घायलों तक मदद पहुंचने में होने वाली देरी को कम करना अत्यंत आवश्यक है। प्रत्येक व्यक्ति की जान महत्वपूर्ण है और इसके लिए राज्य में सक्षम, त्वरित तथा समन्वित आपातकालीन चिकित्सा प्रणाली विकसित की जानी चाहिए। इस बैठक में स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर, गृह राज्य मंत्री योगेश कदम और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। फिलहाल हवाई एंबुलेंस सेवा प्रस्तावित चरण में है। निर्धारित मंजूरियां और निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसे शुरू करने की योजना है।
