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बांग्लादेश चुनाव से पहले शेख हसीना का अंतरिम सरकार पर तीखा हमला, मुहम्मद यूनुस को बताया ‘सत्ता का भूखा गद्दार’

नई दिल्ली। बांग्लादेश में राष्ट्रीय संसदीय चुनावों से कुछ ही हफ्ते पहले सियासी माहौल उस वक्त और गरमा गया, जब देश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस पर अभूतपूर्व और तीखा हमला बोला। शुक्रवार को एक भाषण में शेख हसीना ने यूनुस को “सूदखोर, मनी लॉन्ड्रर, लुटेरा, भ्रष्ट और सत्ता का भूखा गद्दार” करार देते हुए आरोप लगाया कि उसने अपने “विनाशकारी तरीकों से देश का खून चूस लिया है और मातृभूमि की आत्मा को दागदार कर दिया है।” शेख हसीना ने कहा कि बांग्लादेश इस समय अपने इतिहास के सबसे खतरनाक दौर से गुजर रहा है और देश “खाई के किनारे खड़ा, टूटा हुआ और खून बहाता हुआ” नजर आ रहा है। उन्होंने पूरे देश से आह्वान किया कि वह इस गंभीर घड़ी में एकजुट हो और महान मुक्ति संग्राम की भावना से प्रेरणा ले। पूर्व प्रधानमंत्री ने अंतरिम सरकार को “विदेशी-समर्थक कठपुतली सरकार” बताते हुए कहा कि इसे किसी भी कीमत पर उखाड़ फेंकना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के बहादुर बेटे-बेटियों को “शहीदों के खून से लिखे संविधान” की रक्षा करनी चाहिए, उसे बहाल करना चाहिए और लोकतंत्र को दोबारा जीवित करना चाहिए।
शेख हसीना ने दावा किया कि अवामी लीग स्वतंत्र बांग्लादेश की सबसे पुरानी और सबसे अहम राजनीतिक पार्टी है, जो देश की संस्कृति, लोकतंत्र और राजनीतिक-धार्मिक बहुलवाद की परंपराओं से गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान के नेतृत्व में हासिल की गई आज़ादी आज चरमपंथी सांप्रदायिक ताकतों और विदेशी अपराधियों के हमले में बर्बाद हो रही है। अपने बयान में शेख हसीना ने अगस्त 2024 में देश छोड़ने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 5 अगस्त 2024 को “एक सोची-समझी साजिश” के तहत उन्हें सत्ता से हटाया गया, जबकि वह जनता द्वारा सीधे चुनी गई प्रतिनिधि थीं। उनके अनुसार, उस दिन के बाद से बांग्लादेश “आतंक के एक क्रूर, बेरहम और दमघोंटू दौर” में चला गया, जहां लोकतंत्र निर्वासन में है। उन्होंने कहा कि आज बांग्लादेश की हालत यह है कि पूरा देश एक विशाल जेल, फांसी का मैदान और मौत की घाटी जैसा बन चुका है, जहां हर ओर लोगों की चीखें, जीवन के लिए गुहार और राहत के लिए दिल दहला देने वाली पुकार सुनाई देती हैं।
गौरतलब है कि बांग्लादेश में 12 फरवरी को संसदीय चुनाव होने हैं। इससे पहले चुनाव आयोग ने मई 2025 में अवामी लीग का पार्टी के रूप में पंजीकरण निलंबित कर दिया था, जबकि अंतरिम सरकार ने पार्टी की सभी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। अपने भाषण के अंत में शेख हसीना ने देश की सभी लोकतांत्रिक और प्रगतिशील ताकतों से अपील की कि वे एकजुट होकर एक मानवीय, कल्याणकारी और लोकतांत्रिक बांग्लादेश के निर्माण की गंभीर शपथ लें और देश की आज़ादी, संप्रभुता व लोकतंत्र को फिर से स्थापित करें।

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