
मुंबई। राज्य सरकार दिव्यांग युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए ‘यूथ फॉर जॉब्स’ संस्था के साथ समझौता करने जा रही है। इस पहल के तहत अगले पाँच वर्षों में पंजीकृत दिव्यांगों को यूडीआईडी दिया जाएगा, जिससे उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें। इस योजना का प्रथम चरण विदर्भ और उत्तर महाराष्ट्र में लागू किया जाएगा और बाद में इसे पूरे राज्य में विस्तारित किया जाएगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विश्वास व्यक्त किया कि इस पहल से दिव्यांग युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक कारणों या दुर्घटनाओं से दिव्यांग हुए व्यक्तियों को उनके अधिकार दिलाना और सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ पहुँचाना सरकार की प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प के अनुरूप, राज्य सरकार कौशल विकास और रोजगार सृजन के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। ‘यूथ फॉर जॉब्स’ संस्था की अध्यक्ष मीरा शेनॉय ने केंद्र सरकार के सहयोग से गडचिरोली जिला प्रशासन के साथ मिलकर दिव्यांग युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने का कार्य किया है। संस्था दिव्यांगता के प्रकार के अनुसार विशेष प्रशिक्षण देती है और औद्योगिक क्षेत्र की मांग के अनुरूप रोजगार मेलों का आयोजन कर उपयुक्त मानव संसाधन उपलब्ध कराती है।
इस पहल के तहत रोजगार देने वाली प्रमुख निजी कंपनियों में लाइफस्टाइल इंटरनेशनल, आदित्य बिरला फैशन, रिलायंस ट्रेंड्स, IIFL, लक्ष हॉस्पिटल, मीलन कॉफी हाउस, HPCL, BPCL, सहयोग मल्टीस्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी, लोकल ऑटोमोबाइल डीलर्स, दिशा मेन पावर और सिक्योरिटी जैसी कंपनियाँ शामिल हैं। जो युवा नौकरी करने में असमर्थ होंगे, उन्हें स्वरोजगार के अवसर प्रदान कर मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। राज्य सरकार सभी दिव्यांग व्यक्तियों का डिजिटल डाटाबेस तैयार कर रही है, जिससे 100% दिव्यांगों का पंजीकरण कर उन्हें यूडीआईडी प्रदान किया जा सके। इससे केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे दिव्यांगों तक पहुँचाया जाएगा। पहले चरण में विदर्भ और उत्तर महाराष्ट्र में इस योजना को लागू किया जाएगा, जिसमें राज्य सरकार और स्थानीय जिला प्रशासन सहयोग करेगा। मुख्यमंत्री फडणवीस ने राज्य की स्वयंसेवी संस्थाओं से इस पहल में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रयास दिव्यांगों के लिए रोजगार के अधिक अवसर सृजित करेगा और उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल करने में मदद करेगा।




