साइबर ठगों के लिए 2,805 खतरनाक APK बनाने वाला आरोपी गिरफ्तार, ₹150 करोड़ से ज्यादा की ठगी से जुड़े तार

मुंबई क्राइम ब्रांच ने इंदौर से 36 वर्षीय पंकज गुप्ता को दबोचा, 9,673 लोगों से हुई साइबर ठगी में APK के इस्तेमाल का आरोप

मुंबई। मुंबई क्राइम ब्रांच ने साइबर ठगी करने वाले गिरोहों के लिए कथित तौर पर खतरनाक APK फाइलें तैयार कर सप्लाई करने वाले 36 वर्षीय पंकज अवधेश गुप्ता को इंदौर से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने करीब 2,805 APK फाइलें तैयार की थीं, जिनके तार देशभर में 9,673 लोगों के साथ हुई करीब ₹150 करोड़ से अधिक की साइबर ठगी से जुड़े पाए गए हैं। ठगी की वास्तविक रकम का आकलन अभी जारी है। पुलिस के मुताबिक, इंजीनियरिंग की पढ़ाई दूसरे वर्ष में छोड़ने वाले गुप्ता ने शुरुआत में गेमिंग एप्लिकेशन बनाना सीखा था। बाद में वह कथित तौर पर साइबर फ्रॉड करने वाले गिरोहों के लिए ऐसी APK फाइलें बनाने और बेचने लगा, जिनका इस्तेमाल लोगों की निजी और बैंकिंग जानकारी हासिल करने के लिए किया जाता था। पुलिस को संदेह है कि आरोपी करीब तीन वर्षों से इस गतिविधि में शामिल था। क्राइम ब्रांच की प्रॉपर्टी सेल के अनुसार, आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने और डिजिटल फुटप्रिंट कम रखने के लिए कई सावधानियां बरती थीं। इसके बावजूद जांचकर्ताओं ने एक संदिग्ध APK से मिले तकनीकी सुरागों के आधार पर उसका पता लगाया और उसे गिरफ्तार कर लिया। डीसीपी (क्राइम) राज तिलक रोशन के मुताबिक, आरोपी द्वारा बनाई गई APK फाइलों की जांच में अब तक ₹150 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी का पता चला है और रकम का आकलन जारी है। पुलिस अब उन विभिन्न साइबर ठगी गिरोहों की तलाश कर रही है, जिन्होंने कथित तौर पर आरोपी से APK फाइलें खरीदी थीं। भायखला के बुजुर्ग से ₹5.62 लाख की ठगी ने खोला राज इस पूरे नेटवर्क तक पुलिस की पहुंच भायखला के एक 72 वर्षीय व्यक्ति से हुई ₹5.62 लाख की साइबर ठगी की जांच के दौरान हुई। शिकायत के मुताबिक, 13 अगस्त को एक व्यक्ति ने खुद को बैंक ऑफ इंडिया का सीनियर मैनेजर दिनेश कुमार बताकर बुजुर्ग से संपर्क किया और सीनियर सिटिजन कार्ड बनवाने में मदद करने का झांसा दिया। भरोसा हासिल करने के बाद आरोपी ने कथित तौर पर WhatsApp पर “Senior Citizen Card Verification.apk” नाम की फाइल भेजी। बुजुर्ग ने एप्लिकेशन इंस्टॉल कर उसमें अपनी व्यक्तिगत और डेबिट कार्ड संबंधी जानकारी दर्ज की। पुलिस के अनुसार, इसके बाद उनके बैंक खाते से ₹5.62 लाख निकाल लिए गए। भायखला पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 319(2) के साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब आरोपी से APK खरीदने वाले साइबर ठगी गिरोहों, उनके नेटवर्क और ठगी की कुल रकम का पता लगाने में जुटी है।

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