विंध्य और बुंदेलखंड को रेल कनेक्टिविटी की सौगात, सतना-देवेंद्रनगर और रीवा-चुरहट रेलखंडों का उद्घाटन

नई दिल्ली/भोपाल। मध्य प्रदेश के विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। शनिवार को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में सतना-देवेंद्रनगर और रीवा-चुरहट रेलखंडों का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर देवेंद्रनगर-चुरहट नई यात्री रेल सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। रेल मंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए। चुरहट और नागौद स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रमों में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, सांसदों, मंत्रियों और अन्य जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।
विंध्य और बुंदेलखंड के लिए नई जीवनरेखा
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि नई रेल कनेक्टिविटी से क्षेत्र में शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं, व्यापार और औद्योगिक विकास के अवसर बढ़ेंगे। मध्य प्रदेश में करीब एक लाख करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें नई रेल लाइनें, दोहरीकरण और तीसरी-चौथी रेल लाइन का निर्माण शामिल है। उन्होंने बताया कि भविष्य में 100 से अधिक लंबी दूरी की ट्रेनें और 50 से 60 मेमू तथा इंटरसिटी जैसी सेवाएं शुरू करने की संभावनाएं बन सकती हैं।
80 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की योजना
रेल मंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश के लगभग 80 रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से विकसित करने की योजना है। खजुराहो सहित कई स्टेशनों पर पुनर्विकास कार्य जारी है। उन्होंने रेल परियोजनाओं के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर दिया और काटे गए पेड़ों की भरपाई के लिए पौधरोपण तथा उनकी देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
नई रेल कनेक्टिविटी दिवाली का उपहार : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई रेल कनेक्टिविटी को विंध्य और बुंदेलखंड के लोगों के लिए दिवाली का उपहार बताया। उन्होंने कहा कि इससे अब तक रेल नेटवर्क से वंचित क्षेत्रों को लाभ मिलेगा। 541 किलोमीटर लंबी ललितपुर-सिंगरौली रेल परियोजना से उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच संपर्क मजबूत होगा। बेहतर रेल सुविधा से किसानों को बड़े बाजारों तक पहुंचने, उद्योगों को माल परिवहन और युवाओं को शिक्षा एवं रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।
रीवा-चुरहट रेल लाइन से सीधी जिले को फायदा
रीवा से चुरहट तक करीब 65 किलोमीटर लंबी रेल लाइन का निर्माण लगभग 1,070 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया गया है। इससे सीधी जिले के लोगों को रेल नेटवर्क से जुड़ने की सुविधा मिलेगी। विद्यार्थियों, मरीजों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों के लिए आवागमन आसान होगा। क्षेत्र में खनिज संपदा और सीमेंट उद्योग की संभावनाओं को देखते हुए माल परिवहन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
सतना-देवेंद्रनगर रेल लाइन से उद्योगों को मिलेगा बल
सतना से देवेंद्रनगर तक लगभग 53 किलोमीटर लंबी रेल लाइन करीब 873 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुई है। इससे सीमेंट, क्लिंकर और अन्य माल के परिवहन में सुविधा मिलने की संभावना है। साथ ही किसानों और ग्रामीण व्यापारियों को बड़े बाजारों तक पहुंचने के बेहतर विकल्प मिलेंगे। स्थानीय व्यापार और परिवहन से जुड़े रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं। नई यात्री रेल सेवा से विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों को आवागमन का नया विकल्प मिलेगा। बेहतर रेल संपर्क से पन्ना, खजुराहो, रीवा, मुकुंदपुर की सफेद बाघ सफारी और चचाई व बहुती जलप्रपात जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान हो सकती है। इससे होटल, स्थानीय परिवहन, हस्तशिल्प और छोटे कारोबार को लाभ मिलने की उम्मीद है।
