डीएम गौरांग राठी ने मौके पर खतौनी में दर्ज कराया नाम, शिकायतकर्ता ने जताई प्रसन्नता

टहरौली संपूर्ण समाधान दिवस में भूमि विवादों के निस्तारण पर सख्त निर्देश, आईजीआरएस शिकायतों में लापरवाही पर तय होगी जवाबदेही

देवेश प्रताप सिंह राठौर
झांसी, उत्तर प्रदेश।
जिलाधिकारी गौरांग राठी ने तहसील टहरौली में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायतकर्ताओं की समस्याएं सुनते हुए अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। इस दौरान लंबे समय से लंबित भूमि संबंधी एक मामले में जिलाधिकारी ने तत्काल खतौनी में नाम दर्ज कराया और शिकायतकर्ता को खतौनी सौंप दी। इस कार्रवाई पर शिकायतकर्ता राजेश कुमार पुत्र दयाराम निवासी पिपरा ने प्रसन्नता व्यक्त की।
आईजीआरएस शिकायतों में लापरवाही पर होगी कार्रवाई
टहरौली तहसील सभागार में संपूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि संपूर्ण समाधान दिवस और आईजीआरएस मुख्यमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही या शिथिलता बरतने पर अधिकारियों की जिम्मेदारी शीर्ष स्तर तक तय की जाएगी। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यालय पहुंचते ही आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों और उनके निस्तारण की आख्या की समीक्षा करें। यदि निस्तारण की रिपोर्ट गुणवत्तापूर्ण नहीं है, तो अधिकारी स्वयं जांच कर सही आख्या प्रस्तुत करें। जिलाधिकारी ने कहा कि शिकायतों का निस्तारण मानवीय दृष्टिकोण के साथ किया जाना चाहिए। शिकायतकर्ता की संतुष्टि को निस्तारण की गुणवत्ता का महत्वपूर्ण आधार माना जाए। इस दौरान विभागों द्वारा पोर्टल पर निस्तारित शिकायतों का फीडबैक भी लिया गया तथा संतुष्ट और असंतुष्ट शिकायतकर्ताओं की जानकारी प्राप्त की गई।
भूमि विवादों पर अभियान चलाकर कार्रवाई के निर्देश
जिलाधिकारी ने निजी भूमि, सरकारी भूमि और चकरोड पर अवैध कब्जों को हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने लेखपालों को चेतावनी दी कि गलत तरीके से भूमि पर कब्जा करने, बार-बार पैमाइश कराने अथवा पत्थरगड्डी उखाड़कर पुनः कब्जा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। भूमि विवादों के प्रभावी निस्तारण के लिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को धारा 24, धारा 151 और धारा 447 के तहत आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। विवाद की स्थिति में धारा 145 के तहत कार्रवाई करने तथा पुलिस द्वारा धारा 107/116 के प्रावधानों के अनुरूप कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि धारा-67 के लंबित वादों का अभियान चलाकर निस्तारण किया जाए और दबंगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
लंबित मामले में तत्काल खतौनी में दर्ज हुआ नाम
संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी ने शिकायतकर्ता राजेश कुमार पुत्र दयाराम निवासी पिपरा की भूमि से संबंधित प्रकरण सुना। मवई स्थित उनकी भूमि का नाम खतौनी में दर्ज किया जाना था, लेकिन मामला लंबे समय से लंबित था। जिलाधिकारी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित भूमि को खतौनी में दर्ज कराया और खतौनी शिकायतकर्ता को सौंप दी। लंबे समय से लंबित समस्या का समाधान होने पर शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी के प्रति प्रसन्नता व्यक्त की।
विभागीय स्टालों का निरीक्षण
संपूर्ण समाधान दिवस से पहले तहसील परिसर में स्वास्थ्य विभाग, बैंक और आईसीडीएस विभाग द्वारा लगाए गए स्टालों का जिलाधिकारी ने निरीक्षण किया। इस दौरान सीडीपीओ स्नेहा गुप्ता ने स्टाल पर उपलब्ध पोषण संबंधी जानकारी और तैयार भोजन एवं खाद्य पदार्थों के बारे में बताया।
गो-आश्रय स्थल में व्यवस्थाओं का जायजा
संपूर्ण समाधान दिवस के बाद जिलाधिकारी गौरांग राठी ने टहरौली किला स्थित गो-आश्रय स्थल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने गोवंश को फल खिलाए और भूसे की उपलब्धता की जानकारी ली। विभिन्न रजिस्टरों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने आगामी सर्दी को देखते हुए गोवंश को ठंड से बचाने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिशिर पुरी, एसडीएम टहरौली आशीष कुमार, एसडीओ वन संतोष कुमार, एमओआईसी डॉ. ओपी राठौर, क्षेत्राधिकारी पुलिस, तहसीलदार तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *