उन्नाव में डीएपी की बोरी में कैल्शियम सल्फेट भरकर बेचने का आरोप, गोदाम सील

बिछिया के दरोगाखेड़ा में जिला कृषि अधिकारी का छापा, 800 बोरी कैल्शियम सल्फेट सहित पैकिंग सामग्री बरामद

उन्नाव, उत्तर प्रदेश। किसानों को खाद के नाम पर कथित रूप से धोखा देने का मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के बिछिया स्थित दरोगाखेड़ा में एकता धर्मकांटा के बगल में बने गोदाम में कैल्शियम सल्फेट को डीएपी की बोरियों में भरकर बेचने का आरोप है। गोपनीय सूचना के आधार पर जिला कृषि अधिकारी शशांक ने गोदाम का औचक निरीक्षण किया। मौके पर संदिग्ध उर्वरक और पैकिंग सामग्री मिलने के बाद गोदाम को सील कर दिया गया।
छापेमारी में मिली 800 बोरी कैल्शियम सल्फेट
जिला कृषि अधिकारी के निरीक्षण के दौरान गोदाम में किसान गोल्ड कैल्शियम सल्फेट की लगभग 800 बोरियां मिलीं। इसके अलावा पीपीएल डीएपी उर्वरक की एक भरी बोरी और 16 खाली बोरियां, आईपीएल की 49 खाली बोरियां तथा एवरग्रीन प्रोम की 100 खाली बोरियां बरामद हुईं। मौके से बोरी सिलाई मशीन, धागे के तीन रोल, वजन मापने की मशीन और चाकू भी मिले। निरीक्षण के दौरान मौजूद राजेंद्र लोधी ने कथित तौर पर बताया कि वह कैल्शियम सल्फेट को डीएपी की बोरियों में भरकर किसानों को बेचता है।
नमूना लेकर गोदाम किया गया सील
मौके पर मिली पैकिंग सामग्री और उर्वरक प्रथम दृष्टया संदिग्ध पाए जाने पर नियमानुसार नमूना लिया गया। इसे विश्लेषण के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। इसके बाद गोदाम को सील कर दिया गया। इस मामले में राजेंद्र लोधी पुत्र बाबूलाल, निवासी ग्राम भतावा सिरोसी के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा रही है। उर्वरक की गुणवत्ता और पैकिंग से जुड़े आरोपों की पुष्टि प्रयोगशाला जांच एवं संबंधित कार्रवाई के बाद होगी।
उर्वरक विक्रेताओं को सख्त चेतावनी
जिला कृषि अधिकारी शशांक ने जिले के सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि वे नियमानुसार ही खाद का वितरण करें। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी विक्रेता के यहां अवैध भंडारण या अमानक उर्वरक पाए जाने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। कृषि विभाग की इस कार्रवाई से खाद की बिक्री में अनियमितता करने वाले विक्रेताओं में हड़कंप मचने की संभावना है।

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