कुर्ला-ट्रॉम्बे के रेल पटरी किनारे बसे झोपड़ाधारकों के पुनर्वास का डीपीआर तैयार करने के निर्देश, एकनाथ शिंदे ने रेलवे मंत्री से की बात

चेंबूर, कुर्ला और चांदिवली की नागरिक समस्याओं पर सह्याद्री अतिथिगृह में बैठक, पुनर्विकास और कर्मचारियों के आवास संबंधी मुद्दों पर भी चर्चा

मुंबई। मुंबई के कुर्ला-ट्रॉम्बे परिसर में वर्षों से रेलवे ट्रैक के किनारे रहने वाले झोपड़ाधारकों के पुनर्वास का मुद्दा अब प्रमुखता से उठाया गया है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण (एसआरए) को निर्देश दिया है कि इन झोपड़ाधारकों के पुनर्वास के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर प्रस्तुत की जाए। इस संबंध में उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी दी और हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया। गुरुवार को चेंबूर, कुर्ला और चांदिवली विधानसभा क्षेत्रों की विभिन्न नागरिक समस्याओं को लेकर सह्याद्री अतिथिगृह में आयोजित बैठक में इन मुद्दों की समीक्षा की गई। बैठक में चिखलवाड़ी, आरसीएफ-प्रियदर्शनी से माहुल तक रेलवे ट्रैक के किनारे बसे झोपड़ाधारकों के पुनर्वास का विषय सामने आया। रेलवे प्रशासन की ओर से नोटिस जारी किए जाने के बाद लंबे समय से रह रहे नागरिकों में चिंता और असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उपमुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि किसी भी कार्रवाई से कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। एसआरए को बीएमसी और संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर पुनर्वास की विस्तृत योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
बीएमसी कर्मचारियों की आवासीय कॉलोनियों का पुनर्विकास
बैठक में खारदेव नगर स्थित बीएमसी कर्मचारियों की बैठी पत्रा चॉल वसाहत के पुनर्विकास का मुद्दा भी उठाया गया। चेंबूर विधानसभा क्षेत्र में महानगरपालिका कर्मचारियों की आवासीय सहकारी संस्थाओं के पुनर्विकास पर चर्चा हुई। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारियों की आवासीय संस्थाओं के पुनर्विकास के लिए लगाए जाने वाले प्रीमियम को लेकर नई नीति बनाने पर सकारात्मक विचार किया जाएगा। इसके अलावा, सेवानिवृत्ति के बाद भी महानगरपालिका के आवास खाली नहीं करने के कारण कुछ कर्मचारियों के आर्थिक लाभ और पेंशन रोके जाने का विषय सामने आया। शिंदे ने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पूरी राशि रोकना उचित नहीं है। उन्होंने संबंधित मामलों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर प्राथमिकता से प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
कुर्ला की म्हाडा कॉलोनियों में सीवरेज समस्या
कुर्ला विधानसभा क्षेत्र की नेहरू नगर, तिलक नगर, सहकार नगर और नवीन तिलक नगर म्हाडा कॉलोनियों में सीवरेज पाइपलाइन की समस्याओं पर भी चर्चा हुई। संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से नागरिकों की समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए गए। साबले नगर, क्रांति नगर और संतोषी माता नगर में रेलवे के किनारे स्थित झोपड़ियों तथा बर्मा सेल लाइन के रेलवे परियोजना प्रभावित नागरिकों के पुनर्वास का मुद्दा भी बैठक में उठाया गया।
चांदिवली क्षेत्र की समस्याओं पर भी निर्देश
चांदिवली विधानसभा क्षेत्र के विधायक दिलीप लांडे ने साकीनाका पुलिस स्टेशन की नई इमारत के लिए बीएमसी का आरक्षित भूखंड उपलब्ध कराने, पहाड़ी ढलानों और तलहटी में स्थित खतरनाक बस्तियों का सुरक्षित स्थानों पर पुनर्वास तथा साकीनाका क्षेत्र के हरित पट्टे को आवासीय क्षेत्र में शामिल करने जैसे मुद्दे उठाए। उपमुख्यमंत्री शिंदे ने नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने के निर्देश दिए। बैठक में पूर्व सांसद प्रकाश आंबेडकर, राहुल शेवाले, विधायक तुकाराम काते, दिलीप लांडे, मंगेश कुडाळकर, सुजात आंबेडकर तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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