रिटायरमेंट से दो दिन पहले रिश्वत लेते मालेगांव मनपा आयुक्त गिरफ्तार, निजी सहायक और लेखा अधिकारी भी ACB के शिकंजे में

इंद्र यादव/मुंबई। सरकारी नौकरी का आखिरी पड़ाव भी मालेगांव नगर निगम के आयुक्त रवींद्र जाधव के लिए विवादों में घिर गया। 31 अक्टूबर को सेवानिवृत्त होने वाले जाधव को रिटायरमेंट से महज दो दिन पहले भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने 80 हजार रुपये की रिश्वत मांगने और लेने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई में उनके निजी सहायक नीलेश पाटिल और लेखा अधिकारी हरीश डिंबर को भी गिरफ्तार किया गया है। तीनों पर ठेकेदार के बिल पास करने के बदले कमीशन मांगने का आरोप है।
20 लाख के बिल पास करने के बदले मांगा कमीशन
मामला मालेगांव नगर निगम में घास कटाई और पानी की पाइपलाइन की मरम्मत से जुड़े कार्यों का है। इन कार्यों के करीब 20 लाख रुपये के बिल बकाया थे। आरोप है कि बिल मंजूर कराने के लिए ठेकेदार से कुल राशि का 4 प्रतिशत यानी 80 हजार रुपये कमीशन मांगा गया था। ठेकेदार की ओर से जुलाई में ACB में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत की जांच और रिश्वत की मांग की पुष्टि के बाद ACB ने जाल बिछाया और गुरुवार को कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
इगतपुरी के पास आयुक्त और निजी सहायक गिरफ्तार
कार्रवाई के दौरान आयुक्त रवींद्र जाधव और उनके निजी सहायक नीलेश पाटिल को इगतपुरी के पास मुंबई जाते समय पकड़ा गया, जबकि लेखा अधिकारी हरीश डिंबर को मालेगांव इलाके से गिरफ्तार किया गया। ACB के पुलिस अधीक्षक भारत तांगड़े ने बताया कि इस मामले में मालेगांव किला पुलिस थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
दो दिन की पुलिस हिरासत, घर और कार्यालयों की तलाशी
आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। ACB की ओर से आरोपियों के घरों और कार्यालयों की तलाशी भी ली जा रही है तथा मामले की आगे जांच जारी है। जांच एजेंसी के अनुसार, ठेकेदार के बिल RTGS के माध्यम से मंजूर कराने के बदले रिश्वत की मांग की गई थी। मांग की पुष्टि होने के बाद जाल बिछाकर कार्रवाई की गई। आयुक्त रवींद्र जाधव के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 तथा अन्य दो आरोपियों के खिलाफ धारा 7 और 12 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
रिटायरमेंट से पहले गिरफ्तारी से प्रशासनिक हलकों में हलचल
इस कार्रवाई के बाद मालेगांव नगर निगम के प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है। रिटायरमेंट से ठीक पहले एक वरिष्ठ अधिकारी की गिरफ्तारी ने नगर निगम की कार्यप्रणाली और भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल तीनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और ACB मामले की जांच कर रही है। नए आयुक्त की नियुक्ति तक नगर निगम के प्रशासनिक कामकाज पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

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