
सुधार नोटिस के बाद भी नहीं सुधरे हालात, खाद्य और गैर-खाद्य सामान एक ही रैक में मिला, फर्श पर रखे थे खाने के पैकेट
मुंबई/अकोला। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषध प्रशासन (एफ़डीए) ने खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी के मामले में मे. ब्लिंक कॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड (Blinkit), अकोला के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सुधार का मौका दिए जाने के बावजूद निरीक्षण में कई खामियां बरकरार मिलने के बाद प्रतिष्ठान का राज्य खाद्य लाइसेंस 31 अगस्त 2026 से अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। एफ़डीए के अनुसार Blinkit के अकोला स्थित प्रतिष्ठान का पहली बार 12 अगस्त 2026 को निरीक्षण किया गया था। जांच रिपोर्ट में सामने आई खामियों के आधार पर 13 अगस्त को प्रतिष्ठान को सुधार नोटिस जारी किया गया। इसके बाद कंपनी ने खामियों को दूर करने संबंधी अनुपालन रिपोर्ट प्रशासन के समक्ष पेश की थी। कंपनी की रिपोर्ट के बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारी दोबारा प्रतिष्ठान पहुंचे और मौके पर स्थिति की जांच की। फेरतपासणी में सामने आया कि सुधार नोटिस में बताई गई कई महत्वपूर्ण खामियों को अब भी दूर नहीं किया गया था। जांच के दौरान वॉक-इन चिलर और फ्रीजर के प्रवेश द्वार पर लगे प्लास्टिक के पर्दे खराब, फटे और पीले पड़े पाए गए। रैक व्यवस्था में पर्याप्त जगह नहीं थी तथा रैक की अधिक ऊंचाई और कथित तौर पर अनुचित डिजाइन के कारण साफ-सफाई में बाधा आ रही थी। सबसे गंभीर बात यह रही कि खाद्य पदार्थ और गैर-खाद्य सामग्री एक ही रैक में एक साथ रखी हुई पाई गई। खाद्य पदार्थों के बॉक्स और अन्य सामग्री के पैकेट भी सीधे फर्श पर अस्त-व्यस्त हालत में रखे मिले। रैक के नीचे बड़ी मात्रा में धूल और कचरा जमा पाया गया, जबकि नियमित सफाई का कोई निर्धारित शेड्यूल भी निरीक्षण के दौरान उपलब्ध नहीं कराया गया। खाद्य पदार्थों को संभालने वाले कर्मचारियों की कार्यप्रणाली में भी खामियां मिलीं। कर्मचारी दस्ताने और हेडगियर अथवा टोपी पहने बिना खाद्य सामग्री संभालते पाए गए। इसके अलावा प्रतिष्ठान की ओर से खरीद-बिक्री के बिल और ऑडिट रिकॉर्ड भी जांच के लिए प्रस्तुत नहीं किए गए। एफ़डीए ने इन खामियों को गंभीरता से लेते हुए 31 अगस्त को मामले की सुनवाई की। सुनवाई और दोबारा निरीक्षण में मिली कमियों के आधार पर उसी दिन प्रतिष्ठान का राज्य खाद्य लाइसेंस अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया गया। इस कार्रवाई से साफ है कि केवल सुधार रिपोर्ट प्रस्तुत करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि खाद्य व्यवसाय संचालकों को एफ़डीए द्वारा दिए गए निर्देशों का वास्तविक रूप से मौके पर पालन भी सुनिश्चित करना होगा।

