
खुले नाले के पास रखे मिले समोसे, बिना जांच का पानी और बिना मेडिकल सर्टिफिकेट काम करते मिले 26 कर्मचारी
मुंबई। खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ महाराष्ट्र खाद्य एवं औषध प्रशासन (एफ़डीए) की सख्ती जारी है। मंगलवार को एफ़डीए से मिली जानकारी के अनुसार मुंबई के मालाड पश्चिम स्थित ‘दिल्ली स्वीट एंड भेलपुरी हाउस’ पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उसका खाद्य लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। औचक निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़ी कई गंभीर खामियां सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई।एफ़डीए के मुताबिक दिल्ली स्वीट एंड भेलपुरी हाउस का FSSAI लाइसेंस क्रमांक 11517010000321 है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी और सहायक आयुक्त (खाद्य), परिमंडल-10 की कार्रवाई के बाद 25 अगस्त 2026 को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 32(3) तथा संबंधित नियमों के तहत लाइसेंस निलंबित करने का आदेश जारी किया गया।बर्तन धोने की जगह के फ्रिज में खुले रखे थे कच्चे समोसे
एफ़डीए की जांच में सबसे गंभीर स्थिति खाद्य पदार्थों के रखरखाव को लेकर सामने आई। अधिकारियों के अनुसार बर्तन धोने वाली जगह पर रखे फ्रिज में बिना ढके, कच्चे समोसे रखे हुए थे। इस स्थान के पास खुले नाले की दुर्गंध और जमा पानी के कारण खाद्य पदार्थों के दूषित होने का खतरा पाया गया। रसोई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली। रसोई की एक तरफ लोहे की खुली ग्रिल थी, दीवारों से प्लास्टर गिर रहा था और भोजन तैयार करने वाले हिस्से के ऊपर खुले बल्ब लटकते पाए गए। एफ़डीए ने इन परिस्थितियों को खाद्य सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर माना है।
बिना फिल्टर का पानी खाना बनाने और ग्राहकों को पिलाने का आरोप
जांच में पानी की गुणवत्ता को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हुए। एफ़डीए के मुताबिक साफ-सफाई नहीं की गई ऊपरी टंकी से आने वाला नल का पानी बिना फिल्टर किए खाना बनाने में इस्तेमाल किया जा रहा था। यही पानी ग्राहकों को पीने के लिए भी दिए जाने की बात सामने आई। प्रतिष्ठान के पास पानी की गुणवत्ता प्रमाणित करने वाली आवश्यक जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं थी। नियमानुसार समय-समय पर खाद्य पदार्थों और पानी की रासायनिक एवं सूक्ष्मजीव संबंधी जांच कराना आवश्यक है, लेकिन प्रतिष्ठान NABL मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला की निर्धारित जांच रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं कर सका।
लाइसेंस एक कैटेगरी का, बनाए जा रहे थे कई दूसरे खाद्य पदार्थ
एफ़डीए की कार्रवाई में प्रतिष्ठान की लाइसेंस संबंधी गतिविधियों पर भी सवाल उठे हैं। प्रशासन के अनुसार प्रतिष्ठान के पास कैटेगरी-16 (Prepared Foods) का लाइसेंस था, लेकिन वहां लस्सी, मिठाई, पनीर, फ्रैंकी और फरसाण के उत्पादन तथा री-पैकिंग से संबंधित गतिविधियां भी पाई गईं। निरीक्षण के दौरान बिना उचित लेबल वाला खुला पनीर तथा एक्सपायरी संबंधी जानकारी के बिना रखी गई लस्सी भी मिली। एफ़डीए ने इसे खाद्य सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन माना।
36 में से 26 कर्मचारियों के पास मेडिकल सर्टिफिकेट नहीं
खाद्य पदार्थ तैयार और संभालने वाले कर्मचारियों को लेकर भी चौंकाने वाली स्थिति सामने आई। एफ़डीए के अनुसार प्रतिष्ठान में कार्यरत 36 खाद्य हैंडलरों में से 26 के पास अनिवार्य मेडिकल सर्टिफिकेट नहीं था। कुछ कर्मचारियों के नाखून बढ़े हुए पाए गए, जबकि हाथों पर जलने के घाव होने के बावजूद उन्हें ठीक तरीके से ढके बिना कर्मचारी खाद्य पदार्थ संभालते मिले। ऐसी स्थिति में खाद्य पदार्थों के दूषित होने की आशंका को देखते हुए एफ़डीए ने इसे गंभीर लापरवाही माना।
दुकान में खाद्य कारोबार पर पूरी तरह रोक
गंभीर खामियों को देखते हुए एफ़डीए ने दिल्ली स्वीट एंड भेलपुरी हाउस का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन की अवधि के दौरान प्रतिष्ठान में किसी भी खाद्य पदार्थ की खरीद, निर्माण, भंडारण, बिक्री या वितरण करने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। आदेश का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है। एफ़डीए के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को प्रतिष्ठान पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। सभी कमियों को दूर करने और दोबारा अनुपालन जांच के बाद ही प्रतिष्ठान को कारोबार शुरू करने की अनुमति देने पर विचार किया जाएगा। हालांकि संबंधित व्यवसाय संचालक को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 32(4) के तहत निलंबन आदेश के खिलाफ 15 दिनों के भीतर खाद्य सुरक्षा आयुक्त, महाराष्ट्र के समक्ष अपील करने का अधिकार दिया गया है।
तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में खाद्य प्रतिष्ठानों पर सख्ती
महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा आयुक्त तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कुर्ला के गुलजार मोहम्मदी होटल का खाद्य पंजीकरण और अकोला स्थित Blinkit का राज्य खाद्य लाइसेंस भी निलंबित किया गया है, जबकि सांगली में मिल्क कलेक्शन सेंटर पर कार्रवाई करते हुए 151 लीटर दूध जब्त कर नष्ट किया गया। एफ़डीए ने साफ किया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सार्वजनिक स्वास्थ्य से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। नियमों की अनदेखी करने और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को खतरे में डालने वाले खाद्य व्यवसायों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

