
मुंबई। विनम्र, सरल और मधुर कंठ के धनी कवि एवं गीतकार अरुण दुबे ‘अविकल’ के 69वें जन्मदिन के अवसर पर कांदिवली (पश्चिम) स्थित ‘पंचशील प्रतिष्ठान ट्रस्ट’ में काव्यमय जन्मोत्सव का आयोजन किया गया। मुंबई महानगर और आसपास के उपनगरों से पहुंचे अनेक नामचीन कवियों एवं साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से अरुण दुबे ‘अविकल’ को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। इस सरप्राइज कार्यक्रम का आयोजन अरुण दुबे की सुपुत्री अल्पा और दामाद अमित कुमार ने किया। दोनों देश के जाने-माने मार्शल आर्ट ट्रेनर भी हैं। परिवार के सदस्यों, मित्रों और साहित्यकारों की मौजूदगी में हर्षोल्लास के साथ अरुण दुबे का जन्मदिन मनाया गया और उपस्थित अतिथियों का मुंह मीठा कराया गया। इसके बाद महाराष्ट्र राज्य साहित्य अकादमी के पूर्व अध्यक्ष, शिक्षाविद, आलोचक एवं सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. शीतला प्रसाद दुबे की अध्यक्षता में भव्य कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कवि एवं नाटककार डॉ. नरेश कात्यायन रहे, जो देशभक्ति और वीर रस की कविताओं के साथ डॉ. आशुतोष राणा अभिनीत ‘हमारे राम’ तथा सौरभ भारद्वाज अभिनीत ‘मेरे कृष्ण’ जैसे लोकप्रिय नाटकों के रचयिता हैं। विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ कवि, चिंतक, लेखक, समीक्षक एवं साहित्यिक संस्था ‘काव्य-सृजन परिवार’ के मार्गदर्शक हौंसला प्रसाद ‘अन्वेषी’ उपस्थित रहे। कवि सम्मेलन का शुभारंभ कवयित्री कुसुम तिवारी की सुमधुर सरस्वती वंदना से हुआ। इसके बाद जवाहरलाल निर्झर, अनिल गौड़, डॉ. रोशनी किरण, कुसुम तिवारी ‘झल्ली’, डॉ. मृदुल तिवारी ‘महक’, आत्मिक श्रीधर मिश्र, अंजनी कुमार द्विवेदी, वाचस्पति तिवारी, किरण मिश्रा, नीतू पाण्डेय ‘क्रांति’ और अरुण दुबे ‘अविकल’ सहित कई रचनाकारों ने अपनी कविताओं और गीतों से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। काव्य संध्या के दौरान हुई बारिश ने भी आयोजन के खुशनुमा माहौल को और यादगार बना दिया। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन समसामयिक चेतना के प्रखर कवि ओम प्रकाश तिवारी ने किया। अंत में अरुण दुबे ‘अविकल’ और कुमकुम दुबे ने सभी साहित्यकारों, अतिथियों और शुभचिंतकों के प्रति आभार व्यक्त किया। स्नेह भोज के साथ इस यादगार साहित्यिक एवं पारिवारिक आयोजन का समापन हुआ।

