
शिर्डी। तीर्थस्थल के रूप में सरला बेट के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया जा रहा है। सभी विकास कार्य पूरे होने के बाद सरला बेट महाराष्ट्र के श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा केंद्र बनेगा। सरला बेट विकास के आराखड़े के तहत सभागार, सड़क, बाढ़ संरक्षण और सौर ऊर्जा सहित विभिन्न विकास कार्य शुरू किए गए हैं। यह जानकारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दी। मंगलवार को अखंड हरिनाम सप्ताह के काल्याच्या कीर्तन के अवसर पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री फडणवीस संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, जल संसाधन मंत्री तथा पालकमंत्री डॉ. राधाकृष्ण विखे पाटील, पूर्व मंत्री बालासाहेब थोरात, सांसद भाऊसाहेब वाकचौरे, विधायक विठ्ठल लंघे, अमोल खताळ, आशुतोष काले, विवेक कोल्हे, वैजापुर के विधायक रमेश बोरनारे, महंत रामगिरी महाराज, पूर्व विधायक भाऊसाहेब कांबले सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे। सद्गुरु योगीराज गंगागिरी महाराज द्वारा शुरू की गई अखंड हरिनाम सप्ताह की परंपरा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि सरला बेट से समाज को विचार और प्रेरणा मिलती है। हरिनाम संकीर्तन से दुखों का हरण होता है, मन का अहंकार दूर होता है और जाति भेद भुलाकर सभी लोग एक साथ आते हैं। प्रत्येक व्यक्ति में भगवान विठ्ठल के दर्शन करने की भावना पैदा होती है। आज के दौर में हरिनाम संकीर्तन समाज को एकजुट करने और जीवन को सकारात्मक दिशा देने का महत्वपूर्ण माध्यम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की संस्कृति और सभ्यता दुनिया की सबसे प्राचीन संस्कृतियों में से एक है। हजारों वर्षों से इस भूमि पर सनातन विचार, संस्कार और आध्यात्म की परंपरा निरंतर चली आ रही है। अनेक आक्रमणों के बावजूद हमारी विचारधारा, संस्कार और आस्था को कोई बदल नहीं सका। वारकरी परंपरा, गुरु परंपरा और हरिनाम की शक्ति के कारण यह संस्कृति आज भी कायम है।
किसानों, वारकरियों और वंचित वर्गों के विकास पर जोर
हरिनाम संकीर्तन में किसानों की भागीदारी का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि किसानों, वारकरियों, खेत मजदूरों और समाज के वंचित वर्गों के विकास के लिए सरकार प्रयास कर रही है। किसान राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। किसानों से किए गए कर्जमाफी के वादे को पूरा करते हुए अब तक साढ़े 12 लाख किसानों के खातों में कर्जमाफी की राशि जमा की जा चुकी है। 56 लाख किसानों को कर्जमाफी देने की प्रक्रिया जारी है। हर 15 दिन में नए पात्र लाभार्थियों की सूची तैयार कर उनके खातों में राशि जमा की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को मुफ्त बिजली देने का निर्णय सरकार ने लिया है। वर्तमान में 75 प्रतिशत किसानों को दिन में आठ घंटे बिजली मिल रही है। चरणबद्ध तरीके से 100 प्रतिशत किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। भविष्य में पूरे वर्ष 12 घंटे मुफ्त बिजली देने का संकल्प भी मुख्यमंत्री ने व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि किसानों के 58 हजार करोड़ रुपये के बकाया बिजली बिल माफ करने का निर्णय भी सरकार ने लिया है।
हरिनाम सप्ताह समाज को एकजुट करने वाला आध्यात्मिक समारोह: एकनाथ शिंदे
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि अखंड हरिनाम सप्ताह एक अलौकिक समारोह है। इस भूमि को योगीराज गंगागिरी महाराज की तपस्या और आशीर्वाद का स्पर्श मिला है। महंत रामगिरी महाराज की अमृतवाणी से भक्ति की अविरल धारा बह रही है। उन्होंने कहा कि हरिनाम सप्ताह केवल धार्मिक समारोह नहीं, बल्कि समाज को एकजुट करने और भक्ति एवं संस्कारों की ऊर्जा देने वाला आयोजन है। गंगागिरी महाराज द्वारा शुरू की गई 179 वर्ष पुरानी परंपरा आज भी पूरी श्रद्धा के साथ जारी है। इस सप्ताह के कारण पूरे क्षेत्र में भक्ति, प्रसन्नता और मंगलमय वातावरण बना हुआ है। शिंदे ने कहा कि ‘गांव में एकता हो तो भगवान की कृपा निश्चित होती है’ का अनुभव इस सप्ताह के माध्यम से हो रहा है। पंचक्रोशी के नागरिकों की एकता यहां दिखाई देती है। किसानों और महिलाओं के लिए सरकार की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना आगे भी जारी रहेगी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के साथ राज्य सरकार ने नमो किसान सम्मान योजना शुरू की है। सरकार की तिजोरी पर पहला अधिकार अन्नदाता का है, यह सरकार की भूमिका है। उन्होंने बताया कि कर्जमाफी के दूसरे चरण में छह लाख किसानों के खातों में पांच हजार करोड़ रुपये जमा किए गए हैं।
अखंड हरिनाम सप्ताह समाज को दिशा देने वाला समारोह : डॉ. राधाकृष्ण विखे पाटील
पालकमंत्री डॉ. राधाकृष्ण विखे पाटील ने कहा कि अखंड नामसप्ताह केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को एकजुट करने, शांति देने और जीवन को सही दिशा देने वाला आध्यात्मिक समारोह है। सात दिनों के नामस्मरण और महंत रामगिरी महाराज की मधुर वाणी से आपसी प्रेम, भाईचारा बढ़ाने तथा नशामुक्त और मजबूत समाज बनाने का संदेश मिलता है। उन्होंने कहा कि महंत रामगिरी महाराज आध्यात्मिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। उनकी आध्यात्मिक गतिविधियों का समाज को दिशा देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण योगदान है। अखंड हरिनाम सप्ताह के माध्यम से संतों के विचार और संस्कार समाज के सभी वर्गों तक पहुंच रहे हैं। इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सरकार आवश्यक सहयोग करेगी। इस अवसर पर ‘वंदे मातरम्’ गीत के सामूहिक गायन के लिए महंत रामगिरी महाराज को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के हाथों सम्मान पत्र प्रदान किया गया। वहीं, ‘सोनियाचा दिन आज उगवला’ अभंग की धुन पर उपस्थित गणमान्य लोगों ने फुगड़ी खेली।

