
मुंबई। महाराष्ट्र के चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ ने कहा कि सरकारी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में योग्यता के आधार पर प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को निजी संस्थानों की तरह अत्याधुनिक सुविधाएं, विश्वस्तरीय शिक्षा और उत्कृष्ट प्रशिक्षण उपलब्ध कराना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आधुनिक बुनियादी ढांचे, उन्नत चिकित्सा तकनीक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से महाराष्ट्र को स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में देश में अग्रणी बनाने का सरकार का संकल्प है। गुरुवार को मुंबई स्थित सरकारी डेंटल कॉलेज एवं अस्पताल के नवनिर्मित केंद्रीय सभागार, मुखरोग निदान एवं रेडियोलॉजी विभाग तथा सेंट जॉर्ज अस्पताल में शुरू की गई विभिन्न आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का उद्घाटन मंत्री हसन मुश्रीफ ने किया। इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा एवं आयुष विभाग के आयुक्त अनिल भंडारी, संचालिका डॉ. पल्लवी सापळे, डेंटल कॉलेज की अधिष्ठाता डॉ. डिंपल पाडावे, सह-संचालक विवेक पाखमोडे, वरिष्ठ अधिकारी, प्राध्यापक, चिकित्सक, विद्यार्थी और कर्मचारी उपस्थित थे।
मंत्री मुश्रीफ ने कहा कि मुंबई का सरकारी डेंटल कॉलेज देश का सबसे पुराना और प्रतिष्ठित दंत शिक्षण संस्थान है, जिसने दंत चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और मरीजों की सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। राज्य सरकार ने लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से केंद्रीय सभागार का आधुनिकीकरण कराया है। पूर्ण वातानुकूलित इस सभागार में 480 सीटों की क्षमता, आधुनिक साउंड एवं ऑडियो-विजुअल सिस्टम, उच्च गुणवत्ता वाली प्रोजेक्शन व्यवस्था, पेशेवर प्रकाश व्यवस्था, ग्रीन रूम और आधुनिक शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह सभागार विद्यार्थियों के शैक्षणिक, शोध एवं सांस्कृतिक विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। उन्होंने बताया कि जिला नियोजन समिति के 2.60 करोड़ रुपये के अनुदान से मुखरोग निदान एवं रेडियोलॉजी विभाग का नवीनीकरण किया गया है। इसके साथ ही विभाग को लगभग 84 लाख रुपये की लागत वाली अत्याधुनिक सीबीसीटी (CBCT) मशीन उपलब्ध कराई गई है, जिससे मरीजों का अधिक सटीक निदान संभव होगा और विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा। मंत्री ने कहा कि सेंट जॉर्ज अस्पताल में शुरू किए गए नए स्त्री एवं प्रसूति रोग वार्ड से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी। वहीं अत्याधुनिक हाइपरबेरिक ऑक्सीजन थेरेपी केंद्र गंभीर बीमारियों के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके अलावा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत उपलब्ध कराई गई अत्याधुनिक कार्डियक एम्बुलेंस से आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी। इस सहयोग के लिए उन्होंने एसबीआई का आभार भी व्यक्त किया। हसन मुश्रीफ ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में सरकारी मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक छात्रावास, मल्टीमीडिया सुविधाएं, अध्ययन कक्ष, परीक्षा हॉल, खेल सुविधाएं, आधुनिक सभागार और विश्वस्तरीय शैक्षणिक संसाधनों के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि डॉक्टर बनना केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने भावी चिकित्सकों से अपील की कि भविष्य में निजी चिकित्सा सेवा से जुड़े होने पर भी आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद मरीजों के प्रति संवेदनशील रहें। उन्होंने कहा कि एक सफल डॉक्टर बनने के साथ-साथ एक अच्छा इंसान बनना भी उतना ही आवश्यक है।

