
पुलिस-CRPF के संयुक्त ऑपरेशन में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता
गढ़चिरौली। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। गढ़चिरौली पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने संयुक्त अभियान चलाकर महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा से सटे घने जंगलों में जमीन के नीचे छिपाकर रखे गए माओवादियों के हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री का बड़ा जखीरा बरामद किया है। अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई से संभावित बड़े सुरक्षा खतरे को टाल दिया गया है। पुलिस को खुफिया सूचना मिली थी कि माओवादी संगठन ने कुमनार जंगल क्षेत्र में बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री छिपा रखी है। सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के निर्देशन में विशेष संयुक्त अभियान शुरू किया गया। अभियान में गढ़चिरौली पुलिस की चार विशेष टीमें, बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड (BDDS) तथा CRPF की एक यूनिट को शामिल किया गया। सुरक्षा बलों ने संदिग्ध क्षेत्र की घेराबंदी कर जंगल में व्यापक तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान BDDS टीम ने जमीन के नीचे दबाकर रखा गया हथियारों का जखीरा बरामद किया। बरामद सामग्री में एक SLR राइफल, एक .303 राइफल, सात 12-बोर राइफलें, तीन सिंगल-शॉट राइफलें, दो BGL लॉन्चर, तीन SLR मैगजीन, एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED), दो बैटरियां तथा माओवादी साहित्य शामिल है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, माओवादी संगठन लंबे समय से महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा के दुर्गम जंगलों का उपयोग हथियारों और विस्फोटकों को छिपाने के लिए करता रहा है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि इस सामग्री का उपयोग सुरक्षा बलों पर घात लगाकर हमला करने तथा नक्सल सप्ताह और चुनाव जैसे संवेदनशील अवसरों पर हिंसक घटनाओं को अंजाम देने के लिए किया जाना था।बरामद सभी हथियारों और विस्फोटक सामग्री को वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में जब्त कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि गढ़चिरौली में माओवादी गतिविधियां पहले ही काफी कमजोर पड़ चुकी हैं और यह कार्रवाई उनके बचे हुए नेटवर्क एवं परिचालन क्षमता पर एक और बड़ा प्रहार साबित होगी। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि इस सफलता से जिले में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा।

