
नई दिल्ली। मुंबई में केंद्र सरकार के अधीन आने वाली जमीनों पर वर्षों से लंबित पुनर्विकास परियोजनाओं, मुंबई पोर्ट ट्रस्ट, रेलवे, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी), सॉल्ट पैन भूमि और शहर की आधारभूत संरचना से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर महाराष्ट्र विधान परिषद के उपसभापति सचिन अहीर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में कई केंद्रीय मंत्रियों से विस्तृत चर्चा की। उपसभापति बनने के बाद सचिन अहीर पहली बार दिल्ली दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह, केंद्रीय बंदरगाह, नौवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल तथा केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव से मुलाकात कर महाराष्ट्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। मीडिया से बातचीत में सचिन अहीर ने बताया कि विधान परिषद के उपसभापति चुने जाने के बाद संसदीय परंपरा के तहत लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से शिष्टाचार भेंट की गई। सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे के नेतृत्व में महाराष्ट्र के सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने भी लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात की। गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई बैठक में मुंबई में केंद्र सरकार की जमीनों पर पुनर्विकास के लिए एक समान नीति लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार की जमीनों पर अलग-अलग नियम लागू होने से नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, इसलिए एक ही शहर में पुनर्विकास के लिए अलग-अलग नीतियां नहीं होनी चाहिए। बैठक में मुंबई पोर्ट ट्रस्ट के अधिकार क्षेत्र वाले कुलाबा, बैलार्ड पियर और आसपास के क्षेत्रों में स्थित हजारों झोपड़ियों और जर्जर सेस इमारतों के पुनर्विकास का मुद्दा भी उठाया गया। लंबे समय से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) नहीं मिलने के कारण ये परियोजनाएं अटकी हुई हैं। इस समस्या के समाधान के लिए जल्द ही एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित करने का आश्वासन दिया गया। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ बैठक में सावंतवाड़ी रोड रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं में सुधार तथा मुंबई उपनगरीय रेलवे के विकास पर चर्चा हुई। साथ ही महालक्ष्मी, प्रभादेवी और आसपास के रेलवे स्टेशनों के उन्नयन के लिए भी जल्द महत्वपूर्ण बैठक आयोजित करने पर सहमति बनी। केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह के साथ करीब 25 मिनट चली बैठक में देश और महाराष्ट्र की बंद पड़ी सूत मिलों, मिल मजदूरों के वेतन, एनटीसी की जमीनों पर स्थित चॉलों के पुनर्वास तथा बंद मिलों की जमीनें पुनर्वास के लिए म्हाडा को हस्तांतरित करने जैसे विषयों पर चर्चा हुई। मंत्री ने इन मुद्दों को केंद्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष रखने का आश्वासन दिया। सॉल्ट पैन भूमि के विकास के मुद्दे पर सचिन अहीर ने कहा कि कोई भी निर्णय लेने से पहले पर्यावरण विशेषज्ञों, स्थानीय नागरिकों और संबंधित पक्षों से व्यापक चर्चा की जानी चाहिए। यदि भविष्य में ये जमीनें राज्य सरकार को हस्तांतरित होती हैं, तो वहां परियोजना प्रभावितों, बेघर नागरिकों, मिल मजदूरों और अन्य वंचित वर्गों के लिए किफायती आवास योजनाएं शुरू की जानी चाहिए। दिल्ली दौरे के दौरान सचिन अहीर ने केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव की पहल पर आयोजित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों में भी भाग लिया। इसके अलावा सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे की पहल पर यूपीएससी, एमपीएससी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल विद्यार्थियों के सम्मान समारोह में शामिल होकर उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस प्रतिनिधिमंडल में उपसभापति सचिन अहीर के साथ सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे, नरेश म्हस्के, संजय पाटिल, ओमराजे निंबालकर, श्रीरंग बारणे सहित अन्य जनप्रतिनिधि शामिल थे।

