
नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को संसद भवन में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर राज्य में रेलवे अधोसंरचना के विस्तार और लंबित रेल परियोजनाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की। बैठक में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू और राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र के सांसद संतोष पांडे भी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान महत्वपूर्ण कटघोरा-डोंगरगढ़ रेलवे लाइन परियोजना को रेल मंत्रालय और छत्तीसगढ़ शासन के संयुक्त उपक्रम (ज्वाइंट वेंचर) के माध्यम से विकसित करने पर सहमति बनी। लगभग 295 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित रेल लाइन कटघोरा, करतला, मुंगेली, कवर्धा और खैरागढ़ होते हुए डोंगरगढ़ तक पहुंचेगी। इस परियोजना से अब तक रेलवे नेटवर्क से वंचित कई क्षेत्रों को रेल संपर्क मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। मुख्यमंत्री साय ने रावघाट-जगदलपुर रेलवे लाइन परियोजना की प्रगति पर भी चर्चा की। बैठक में बताया गया कि करीब 140 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और रेलवे की निविदा प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके बाद परियोजना का निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने राज्य की तीन महत्वपूर्ण प्रस्तावित रेल परियोजनाओं सरडेगा-पत्थलगांव-अंबिकापुर की 244 किलोमीटर लंबी रेल लाइन, धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा की 301 किलोमीटर लंबी रेल लाइन और अंबिकापुर-बरवाडीह की 200 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया। इस पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सकारात्मक आश्वासन देते हुए इन परियोजनाओं की स्वीकृति की दिशा में आवश्यक कार्रवाई शीघ्र किए जाने की बात कही। बैठक में किरंदुल-कोत्तागुडेम की करीब 180 किलोमीटर और गढ़चिरोली-बीजापुर-किरंदुल (बचेली) की लगभग 490 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित नई रेलवे लाइन परियोजनाओं के सर्वेक्षण कार्य को जल्द पूरा करने को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि इन रेल परियोजनाओं के पूरा होने से छत्तीसगढ़ के औद्योगिक और आदिवासी अंचलों को बेहतर रेल संपर्क मिलेगा। इससे आवागमन की सुविधाओं में विस्तार के साथ क्षेत्रीय विकास, रोजगार के अवसर और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।

