
मुंबई। उद्योग मंत्री डॉ. उदय सामंत ने सिंधुदुर्ग जिले के वैभववाड़ी तालुका स्थित नाधवडे एमआईडीसी क्षेत्र का विकास तेजी से पूरा करने और वहां सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को प्राथमिकता के आधार पर अवसर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को करीब 15 करोड़ रुपये की आधारभूत सुविधाओं के विकास कार्यों में बिना देरी किए काम शुरू करने को भी कहा। मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में सिंधुदुर्ग के पालकमंत्री नितेश राणे, महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (एमआईडीसी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दीपेंद्रसिंह कुशवाह तथा सिंधुदुर्ग जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थे। डॉ. सामंत ने बताया कि नाधवडे में लगभग 11.14 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण पूरा हो चुका है। भूमि एमआईडीसी के नाम दर्ज हो गई है तथा किसानों को मुआवजे का वितरण भी पूर्ण कर लिया गया है। उन्होंने वर्ष 2022-23 में तैयार किए गए आधारभूत ढांचे के अनुमान का पुनर्मूल्यांकन कर संशोधित प्रस्ताव शीघ्र मंजूरी के लिए प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने एमआईडीसी अधिकारियों को स्थल का निरीक्षण कर व्यावहारिक अनुमान तैयार करने तथा प्रस्तावित 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र के लिए आवश्यक 40 गुंठे भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी जल्द पूरी करने को कहा। बैठक में पालकमंत्री नितेश राणे ने कहा कि औद्योगिक विकास के दौरान क्षेत्र के जलस्रोतों और पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। इस पर उद्योग मंत्री ने भी स्पष्ट किया कि पर्यावरणीय मानकों का पूर्ण पालन करते हुए ही औद्योगिक विकास किया जाएगा। डॉ. सामंत ने निर्देश दिए कि प्रारंभिक चरण में औद्योगिक क्षेत्र में एमएसएमई इकाइयों के लिए प्लॉट आवंटन को प्राथमिकता दी जाए, जिससे कम समय में अधिक उद्योग स्थापित हों और स्थानीय युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर मिल सकें। आवश्यकता पड़ने पर अगले चरण में बड़े उद्योगों को भी भूमि उपलब्ध कराने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नाधवडे औद्योगिक क्षेत्र राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित है तथा प्रस्तावित वैभववाड़ी-कोल्हापुर रेल मार्ग और मौजूदा रेलवे स्टेशन के निकट होने से इसे उत्कृष्ट सड़क एवं रेल संपर्क मिलेगा। इससे भविष्य में यह क्षेत्र सिंधुदुर्ग जिले के प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित होने की पूरी क्षमता रखता है।

