वर्ष 2047 तक भारत को समुद्री महाशक्ति बनाने के लिए केंद्र और राज्यों को मिलकर काम करना होगा: सर्बानंद सोनोवाल

मुंबई में 21वीं समुद्री राज्य विकास परिषद की दो दिवसीय बैठक, बंदरगाहों के आधुनिकीकरण, तटीय मालवाहक परिवहन और निवेश बढ़ाने पर जोर


मुंबई। केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आधुनिक तकनीक, दूरदर्शी सोच और समन्वित नियोजन के माध्यम से भारत को वर्ष 2047 तक समुद्री महाशक्ति बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को सहकारी संघवाद की भावना से मिलकर काम करना होगा। बुधवार को मुंबई के होटल ट्राइडेंट में आयोजित 21वीं समुद्री राज्य विकास परिषद की दो दिवसीय बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने कहा कि इस बैठक को केवल विभिन्न परियोजनाओं और कार्यों की समीक्षा तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे नए भारत की समुद्री विकास यात्रा की शुरुआत के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत के पास 11,900 किलोमीटर से अधिक लंबी समुद्री तटरेखा है। इसका प्रभावी उपयोग बंदरगाहों के विकास, व्यापार, मालवाहक परिवहन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए किया जाना चाहिए। इसके लिए राज्यों को बंदरगाहों से संबंधित आवश्यक नियमों को लागू करने और अपने समुद्री बोर्डों को अधिक सक्षम बनाने की आवश्यकता है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गैर-प्रमुख बंदरगाहों के लिए स्पष्ट नियामक व्यवस्था और मानक निर्धारित करने से निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा। इससे भारतीय बंदरगाहों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वसनीय पहचान दिलाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने बंदरगाहों से संबंधित कानूनों और नीतियों में एकीकृत विकास, सुरक्षा, पर्यावरणीय स्थिरता, जिम्मेदार विस्तार और केंद्र-राज्य समन्वय को प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई। सोनोवाल ने कहा कि देश में मालवाहक परिवहन के क्षेत्र में तटीय नौवहन की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए केंद्रीय बजट में तटीय मालवाहक परिवहन प्रोत्साहन योजना और नए प्रमुख बंदरगाहों के निर्माण की घोषणा की गई है। उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि वे अपने बंदरगाहों की मालवाहक क्षमता और संभावनाओं का आकलन करें। इसके साथ ही समर्पित मालवाहक गलियारों का विकास, परिवहन सुविधाओं तक खुली पहुंच और माल ढुलाई में लगने वाले समय तथा लागत को कम करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आधुनिक बंदरगाह सुविधाओं, बेहतर परिवहन संपर्क और स्पष्ट नीतियों से समुद्री क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। इसके लिए केंद्र और राज्यों के बीच प्रभावी समन्वय आवश्यक है। बैठक में महाराष्ट्र के बंदरगाह विकास मंत्री नितेश राणे, गुजरात के वित्त मंत्री कनुभाई देसाई, गोवा के बंदरगाह विकास मंत्री दिगंबर कामत, पुडुचेरी के मत्स्यव्यवसाय मंत्री मल्लादी कृष्ण राव सहित केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा विभिन्न राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों, बंदरगाह प्राधिकरणों और समुद्री बोर्डों के अधिकारियों ने भी बैठक में भाग लिया। परिषद में समुद्री बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने, बंदरगाहों की कार्यक्षमता बढ़ाने और भारत को वैश्विक समुद्री व्यापार के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।

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