
मुंबई। मुंबई पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) ने M/s मेट्रोप्रधान इंफ्रासॉल्यूशन्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके चार निदेशकों एवं अधिकारियों के खिलाफ ₹10.17 करोड़ से अधिक की कथित धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि कंपनी ने किराए पर लिए गए इंफ्रास्ट्रक्चर उपकरणों का बकाया भुगतान नहीं किया और बड़ी मात्रा में सामान वापस भी नहीं किया। यह मामला MIDC पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 316(5), 318(4) और 3(5) के तहत दर्ज किया गया है। शिकायत M/s शिवाले इंफ्राप्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि राजेश कृष्णा सेठी ने दर्ज कराई है। उनकी कंपनी मेटल स्कैफोल्डिंग, फॉर्मवर्क और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर उपकरणों के निर्माण एवं किराये का कार्य करती है। शिकायत के अनुसार, शिवाले इंफ्राप्रोडक्ट्स ने मेट्रोप्रधान इंफ्रासॉल्यूशन्स को 801.58 मीट्रिक टन स्कैफोल्डिंग और संबंधित उपकरण किराए पर उपलब्ध कराए थे। कुल ₹11.70 करोड़ के किराये में से कंपनी ने कथित तौर पर ₹4.29 करोड़ का भुगतान नहीं किया, जो अब भी बकाया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि ₹5.88 करोड़ मूल्य का 348.1 मीट्रिक टन किराए का सामान भी वापस नहीं किया गया। आरोप है कि कंपनी ने उक्त उपकरण अन्य कंपनियों को किराए पर देकर उससे प्राप्त आय स्वयं रख ली और शिकायतकर्ता को कोई भुगतान नहीं किया। इस प्रकार शिकायतकर्ता कंपनी को कुल ₹10,17,73,857 का नुकसान होने का दावा किया गया है। एफआईआर में M/s मेट्रोप्रधान इंफ्रासॉल्यूशन्स प्राइवेट लिमिटेड, कुंदन कुमार, बबीता श्रीवास्तव, आशीष कुमार और अमर श्रीवास्तव को आरोपी बनाया गया है। मामले की जांच इकोनॉमिक ऑफेंस विंग के सहायक पुलिस निरीक्षक मोरशरील पटेल कर रहे हैं। पुलिस ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है।

