
मुंबई। महाराष्ट्र में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का मसौदा तैयार करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना देसाई की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समिति गठित की जाएगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को विधानसभा में इसकी घोषणा की। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि भारतीय संविधान के राज्य के नीति निदेशक तत्वों के अनुसार प्रत्येक राज्य को समान नागरिक संहिता पर विचार करना चाहिए। इसी के तहत 2026 के बजट सत्र में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए समिति गठित करने की घोषणा की गई थी। अब राज्य सरकार इस समिति का गठन कर रही है। समिति में सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना देसाई, मुंबई उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश आर.सी.चव्हाण, मुंबई उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एस.जी.मेहरे, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्य सचिव डी.के.जैन, महाराष्ट्र के पूर्व महाधिवक्ता एड.वीरेंद्र सराफ, पद्मश्री एवं संविधान विशेषज्ञ रमेश पतंगे तथा शिक्षाविद् एवं सामाजिक कार्यकर्ता सुवर्णा रावल को शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि समिति अगले छह महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार आगामी नागपुर शीतकालीन अधिवेशन में समान नागरिक संहिता से संबंधित विधेयक विधानमंडल के दोनों सदनों में पेश करने का प्रयास करेगी।



