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झांसी में खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी, 200 किलो सड़े-गले और कटे-फटे फल कराए नष्ट

देवेश प्रताप सिंह राठौर
झांसी, उत्तर प्रदेश।
जिलाधिकारी गौरांग राठी के निर्देश पर संचारी रोग नियंत्रण अभियान के अंतर्गत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में सड़े-गले एवं मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त खाद्य पदार्थों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में नवीन फल एवं सब्जी मंडी में छापेमार कार्रवाई करते हुए लगभग 200 किलो कटे-फटे एवं खराब आम, पपीता, अंगूर, केले और अनार सहित अन्य फलों को मौके पर नष्ट कराया गया। जिलाधिकारी गौरांग राठी ने जनपद के सभी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सड़े-गले और मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त फल एवं सब्जियों की सघन जांच करें। जांच के दौरान खराब एवं असुरक्षित खाद्य सामग्री पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बरसात के मौसम में दूषित, सड़े-गले फल एवं सब्जियों के सेवन से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी खतरों के प्रति लोगों को जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि खराब खाद्य पदार्थों के सेवन से डायरिया और फूड प्वाइजनिंग जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए नागरिक ऐसे फल और सब्जियों का सेवन करने से बचें। जिलाधिकारी के निर्देशन में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में “जागरूकता अभियान एवं एफडीए आपके द्वार” कार्यक्रम भी संचालित किया जा रहा है। इसके तहत फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स मोबाइल प्रयोगशाला के माध्यम से खाद्य प्रतिष्ठानों और उपभोक्ताओं के खाद्य पदार्थों के नमूनों की मौके पर जांच की जा रही है। साथ ही लोगों को घरेलू विधियों से खाद्य पदार्थों की शुद्धता जांचने और मौसम के अनुसार सुरक्षित खान-पान अपनाने के तरीकों की जानकारी दी जा रही है। सहायक आयुक्त खाद्य एवं अभिहित अधिकारी पवन कुमार ने अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि बरसात के मौसम को देखते हुए आमजन को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने नवीन फल एवं सब्जी मंडी झांसी में निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान लगभग 200 किलो कटे-फटे और खराब आम, पपीता, अंगूर, केले, अनार सहित अन्य फलों को मौके पर नष्ट कराया गया। अधिकारियों ने फल विक्रेताओं को फलों को पकाने के लिए कार्बाइड का इस्तेमाल नहीं करने और साफ-सफाई के साथ फल एवं सब्जियों की बिक्री करने के निर्देश दिए।
नियमों का उल्लंघन करने पर विधिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। इसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने फल एवं सब्जी मंडी में फूड सेफ्टी मोबाइल वैन के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया। अभियान के दौरान लगभग 50 खाद्य कारोबारियों और करीब 600 नागरिकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री के प्रति जागरूक किया गया। अधिकारियों ने मंडी में मौजूद कटे-फटे, सड़े-गले और मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त फल एवं सब्जियों को मौके पर नष्ट कराया। सभी फल एवं सब्जी विक्रेताओं को साफ-सफाई बनाए रखने तथा उपभोक्ताओं को केवल सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री बेचने के निर्देश दिए गए। सहायक आयुक्त खाद्य पवन कुमार ने बताया कि सभी खाद्य कारोबारियों के लिए खाद्य लाइसेंस अथवा पंजीकरण कराना अनिवार्य है। बिना खाद्य लाइसेंस या पंजीकरण के कारोबार करने पर एफएसएस अधिनियम, 2006 के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत छह महीने तक कारावास और पांच लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। खाद्य पदार्थों से संबंधित किसी भी शिकायत या समस्या के लिए नागरिक विभाग के टोल-फ्री नंबर 18001805533 पर संपर्क कर सकते हैं। वहीं झांसी जनपद से संबंधित सूचना सहायक आयुक्त (खाद्य)-द्वितीय के मोबाइल नंबर 9454468654 पर दी जा सकती है।
निरंतर कार्रवाई से ही रुकेगी खराब खाद्य सामग्री की बिक्री
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा की गई कार्रवाई निश्चित रूप से जनहित में एक महत्वपूर्ण कदम है। मेरी व्यक्तिगत राय है कि यदि इस तरह की जांच और छापेमार कार्रवाई केवल अभियान तक सीमित न रहकर नियमित और निरंतर जारी रहे, तो बाजार में सड़े-गले, दूषित और मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। नियमित जांच का डर बना रहेगा तो विक्रेता भी खराब सामान बेचने से बचेंगे और आम नागरिकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री मिल सकेगी।

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