
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार हाफकिन बायो-फार्मास्युटिकल कॉर्पोरेशन की त्रिगुणी (ट्रिपल) वैक्सीन निर्माण प्रयोगशाला के आधुनिकीकरण के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगी। यह जानकारी खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरी झिरवाल ने विधान परिषद में दी। मंगलवार को विधान परिषद सदस्य भाई जगताप द्वारा हाफकिन महामंडल की प्रयोगशाला के आधुनिकीकरण के लिए निधि उपलब्ध कराने संबंधी प्रश्न के उत्तर में मंत्री झिरवाल ने कहा कि हाफकिन महामंडल के विकास के लिए पहले 1,100 करोड़ रुपये की मांग की गई थी। इनमें से 35 करोड़ रुपये की राशि पहले ही उपलब्ध कराई जा चुकी है, जबकि अतिरिक्त 30 करोड़ रुपये की मांग सरकार के समक्ष रखी गई है। आधुनिकीकरण के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया कि हाफकिन महामंडल से जुड़े लंबित मुद्दों पर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें संस्था को दोबारा मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निर्णय लिए जाएंगे। मंत्री झिरवाल ने कहा कि हाफकिन देश और विदेश में अपनी प्रतिष्ठा रखने वाली संस्था है। हालांकि वर्तमान में यहां कर्मचारियों की कमी, वेतन, आवास व्यवस्था तथा अन्य सुविधाओं से जुड़ी कुछ समस्याएं हैं, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से दूर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हाफकिन में तैयार होने वाले कई टीकों और दवाओं का राष्ट्रीय स्तर पर विशेष महत्व है। पोलियो, डिप्थीरिया (घटसर्प) सहित अन्य आवश्यक टीकों के उत्पादन में वृद्धि के लिए भी सरकार योजना बना रही है। सरकार हाफकिन महामंडल को अधिक सक्षम, आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।



