
मुंबई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में जानकारी दी कि चंद्रपुर महाऔष्णिक विद्युत केंद्र की भटाडी खदान से कोयला परिवहन करने वाली पाइप कन्वेयर बेल्ट तथा आसपास की पुरानी आधारभूत संरचनाओं का आधुनिकीकरण किया जाएगा। इसके लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार कर चरणबद्ध तरीके से कार्य शुरू किया जाएगा। मंगलवार को विधानसभा में सदस्य सुधीर मुनगंटीवार द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने बताया कि 5 मई 2026 को भटाडी खदान क्षेत्र में पाइप कन्वेयर बेल्ट के आसपास आग लगने की घटना हुई थी। यह आग कन्वेयर बेल्ट के लोडिंग या अनलोडिंग क्षेत्र में नहीं लगी थी, बल्कि बेल्ट के मार्ग के आसपास स्थित खेतों में किसानों द्वारा फसल अवशेष जलाने के कारण फैली थी, जिसका प्रभाव कन्वेयर बेल्ट क्षेत्र तक पहुंचा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस घटना में किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ और आपातकालीन प्रतिक्रिया दल ने समय पर पहुंचकर आग पर तत्काल नियंत्रण पा लिया, जिससे किसी बड़ी दुर्घटना को टाल दिया गया। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्षेत्र के किसानों और नागरिकों के बीच घास एवं फसल अवशेष खुले में नहीं जलाने के संबंध में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि क्षेत्र की पुरानी हो चुकी आधारभूत संरचनाओं और मशीनरी के आधुनिकीकरण की आवश्यकता है। इसके लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किया जाएगा और उसके आधार पर चरणबद्ध तरीके से नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण का कार्य किया जाएगा, जिससे कोयला परिवहन व्यवस्था अधिक सुरक्षित, आधुनिक और प्रभावी बन सके।



