
मीरा-भायंदर। मानसून के दौरान नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मीरा-भायंदर महानगरपालिका ने सख्त कदम उठाए हैं। शुक्रवार को महानगरपालिका आयुक्त राधाबिनोद ए.शर्मा ने शहर के सभी खुले मैनहोल, बिना ढक्कन या क्षतिग्रस्त नालियों, जर्जर मैनहोल तथा खतरनाक नालों की तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि नागरिकों की सुरक्षा के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हाल ही में मुंबई में खुले मैनहोल में गिरकर एक व्यक्ति की मौत की घटना के बाद महानगरपालिका प्रशासन ने एहतियात के तौर पर यह विशेष अभियान शुरू किया है, ताकि मीरा-भायंदर में ऐसी किसी भी दुर्घटना की पुनरावृत्ति न हो। आयुक्त ने कहा कि उच्च न्यायालय भी विभिन्न मामलों में स्थानीय निकायों को सड़क, मैनहोल, नालों और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे का नियमित निरीक्षण कर आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू करने के निर्देश दे चुका है। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि लापरवाही के कारण जनहानि होने पर संबंधित प्राधिकरण की जवाबदेही तय की जा सकती है। आयुक्त शर्मा ने सभी कनिष्ठ अभियंताओं, शाखा अभियंताओं और उप अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्र के मैनहोल, वर्षा जल निकासी व्यवस्था, नालियों और नालों का तत्काल सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए हैं। सर्वेक्षण के दौरान खुले, टूटे या खतरनाक स्थिति वाले मैनहोल और नालों की पहचान कर उनकी तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करने को कहा गया है। उन्होंने निर्देश दिया कि मरम्मत कार्य पूरा होने तक संबंधित स्थानों पर मजबूत बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की जाए, ताकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। वहीं सफाई, गाद निकालने या मरम्मत कार्य के दौरान संबंधित क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित कर आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं। आयुक्त ने यह भी कहा कि पूरे मानसून के दौरान संबंधित अधिकारी प्रतिदिन निरीक्षण करेंगे और उसकी रिपोर्ट नियमित रूप से वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपेंगे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही के कारण कोई दुर्घटना या जनहानि होती है, तो उसकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय करते हुए नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी। महानगरपालिका ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उनके क्षेत्र में कोई खुला मैनहोल, टूटा हुआ ढक्कन, खतरनाक नाली या असुरक्षित जल निकासी व्यवस्था दिखाई दे तो इसकी तत्काल सूचना महानगरपालिका को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई कर किसी भी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके।



