HomeMaharashtraत्र्यंबकेश्वर में 6 जुलाई को ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’, संस्कृति और अध्यात्म का...

त्र्यंबकेश्वर में 6 जुलाई को ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’, संस्कृति और अध्यात्म का होगा भव्य संगम

मुंबई। महाराष्ट्र सरकार के सांस्कृतिक कार्य विभाग की ओर से ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के अवसर पर 6 जुलाई 2026 (सोमवार) को सुबह 10 बजे नासिक स्थित त्र्यंबकेश्वर मंदिर परिसर में विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, अध्यात्म, श्रद्धा और परंपराओं के गौरव को जन-जन तक पहुंचाना तथा सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। सांस्कृतिक कार्य विभाग के अनुसार, ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ भारतीय सांस्कृतिक अस्मिता, अटूट आस्था और आध्यात्मिक परंपरा का प्रतीक है। इस आयोजन के माध्यम से भारतीय संस्कृति के शाश्वत मूल्यों का संरक्षण करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को देश की समृद्ध परंपराओं और संस्कारों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण अभिनेत्री संस्कृती बालगुडे की विशेष प्रस्तुति होगी। उनके कलात्मक अभिनय और प्रभावशाली अभिव्यक्ति के माध्यम से भक्ति, अध्यात्म, भारतीय संस्कृति और परंपराओं के विविध आयामों को मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। विभाग का कहना है कि भारतीय संस्कृति में मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जीवन का महत्वपूर्ण केंद्र रहे हैं। त्र्यंबकेश्वर जैसे ऐतिहासिक और पवित्र स्थल पर आयोजित यह कार्यक्रम श्रद्धा, संस्कृति और कला के अद्भुत संगम का अनुभव कराएगा। इस अवसर पर संगीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और भावपूर्ण अभिव्यक्तियों के माध्यम से भारतीय भक्ति परंपरा, आध्यात्मिक विचार, समन्वय, सहिष्णुता और सांस्कृतिक मूल्यों का संदेश समाज तक पहुंचाया जाएगा। आयोजन के जरिए उपस्थित लोगों को भारतीय सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक समृद्धि से रूबरू कराने का प्रयास किया जाएगा। यह कार्यक्रम सांस्कृतिक कार्य, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता मंत्री एडवोकेट आशिष शेलार की संकल्पना तथा सांस्कृतिक कार्य विभाग के सचिव डॉ. किरण कुलकर्णी के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है। विभाग लगातार ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए कार्य कर रहा है। सांस्कृतिक कार्य संचालनालय के निदेशक श्रीराम पांडे ने श्रद्धालुओं, कला प्रेमियों और नागरिकों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल होकर त्र्यंबकेश्वर की पावन भूमि पर आयोजित इस सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आयोजन का लाभ उठाएं। कार्यक्रम में प्रवेश सभी नागरिकों के लिए निःशुल्क रहेगा।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments