
धुले-सोलापुर राय राजमार्ग भू-अधिग्रहण घोटाले पर विधानसभा में सरकार का बड़ा खुलासा
मुंबई। धुले-सोलापुर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के तहत बीड जिले में भूमि अधिग्रहण मुआवजा वितरण में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले पर महाराष्ट्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने गुरुवार को विधानसभा में बताया कि अवैध रूप से वितरित किए गए 73 करोड़ रुपये की वसूली की जाएगी। इस मामले में तत्कालीन जिला कलेक्टर को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और उन्हें निलंबित भी कर दिया गया है। विधानसभा में सदस्य काशीनाथ दाते द्वारा पूछे गए प्रश्न का उत्तर देते हुए मंत्री बावनकुळे ने बताया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की धुले-सोलापुर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के लिए बीड जिले में भूमि अधिग्रहण से जुड़े मध्यस्थ (लवाद) आदेशों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। उन्होंने बताया कि तत्कालीन जिला कलेक्टर के तबादले के बाद पुराने दिनांक डालकर उनके नाम, पदनाम और हस्ताक्षर का इस्तेमाल करते हुए फर्जी मध्यस्थ आदेश जारी किए गए। इस मामले में दर्ज शिकायत के आधार पर 7 मई 2026 को तत्कालीन जिला कलेक्टर को गिरफ्तार किया गया। राजस्व मंत्री ने बताया कि जांच में सामने आया है कि 154 मूल मामलों में भूमि अधिग्रहण मुआवजे की राशि 68.58 करोड़ रुपये थी, जिसे फर्जी मध्यस्थ आदेशों के माध्यम से बढ़ाकर 310.20 करोड़ रुपये कर दिया गया। इनमें से 73 करोड़ रुपये बीड उपविभागीय अधिकारी कार्यालय और जयकवाड़ी परियोजना कार्यालय के माध्यम से संबंधित भू-धारकों को वितरित कर दिए गए। उन्होंने कहा कि संबंधित जिला कलेक्टर को निलंबित कर दिया गया है तथा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा वितरित 73 करोड़ रुपये की वसूली की जाएगी। पूरे मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। बावनकुळे ने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम के तहत भूमि अधिग्रहण का मुआवजा संबंधित भू-स्वामी के स्वामित्व संबंधी दस्तावेजों और बैंक खाते के सत्यापन के बाद ही केंद्र सरकार के भूमिराशि पोर्टल के माध्यम से जारी किया जाता है। इसके बावजूद इस मामले में फर्जीवाड़ा सामने आना गंभीर चिंता का विषय है। इस विषय पर हुई चर्चा में विधायक बबनराव लोणीकर सहित अन्य सदस्यों ने भी भाग लिया।



