मुंबई जीपीओ में मनाया गया फिलैटली दिवस, डाक टिकटों के जरिए विरासत से जुड़ने का संदेश

‘भारत के प्रवासी पक्षी श्रृंखला-1’ पोस्टकार्ड सेट और विशेष कैंसलेशन का विमोचन

मुंबई। राष्ट्रीय डाक सप्ताह के तहत मुंबई जनरल पोस्ट ऑफिस (जीपीओ) में सोमवार को फिलैटली दिवस मनाया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं में डाक टिकट संग्रह की रुचि बढ़ाना तथा डाक टिकटों के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विरासत, इतिहास और उपलब्धियों के प्रति जागरूकता पैदा करना था। कार्यक्रम के दौरान थीम आधारित फिलैटलिक प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें विभिन्न डाक टिकटों और फिलैटलिक सामग्री के जरिए डाक टिकट संग्रह के शैक्षिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को प्रस्तुत किया गया। स्कूली विद्यार्थियों के लिए फिलैटली ब्यूरो का भ्रमण, प्रश्नोत्तरी, चित्रकला प्रतियोगिता और विशेषज्ञों के संबोधन भी आयोजित किए गए। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण “भारत के प्रवासी पक्षी श्रृंखला-1” नामक नए पोस्टकार्ड सेट का विमोचन रहा। इसके साथ फिलैटली दिवस के उपलक्ष्य में विशेष कैंसलेशन भी जारी किया गया। पोस्टकार्ड सेट में प्रकृतिविद् दिवाकर देवीदास ठोम्ब्रे द्वारा महाराष्ट्र में आने वाले प्रवासी पक्षियों के खींचे गए चित्र शामिल हैं। डाक सेवाएं (मुख्यालय) की निदेशक सिमरन कौर ने विद्यार्थियों और विद्यालय प्रशासन की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि फिलैटली को “शौकों का राजा” कहा जाता है। उन्होंने बताया कि आधुनिक डाक टिकटों में संगीतमय, सुगंधयुक्त, विभिन्न आकारों और कला-आधारित विशेष डाक टिकट भी शामिल हैं, जो लोगों में जिज्ञासा और सीखने की रुचि बढ़ाते हैं।
उन्होंने हस्तलिखित पत्रों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि पत्र लेखन का भावनात्मक मूल्य डिजिटल संदेशों से अलग होता है। उनके अनुसार, पत्र लेखन एक तरह का ‘डिजिटल डिटॉक्स’ भी है, जो लोगों को कुछ समय डिजिटल माध्यमों से दूर रहकर परिवार, शिक्षकों और गुरुओं के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त करने का अवसर देता है। कौर ने कहा कि हस्तलेखन से हाथों की मांसपेशियों का व्यायाम होने के साथ विचारों को व्यवस्थित करने, भाषा कौशल और भावनात्मक अभिव्यक्ति की क्षमता में भी मदद मिलती है। कार्यक्रम में डाक टिकट संग्रह को बढ़ावा देने के लिए भारतीय डाक के प्रयासों, मुंबई जीपीओ की भूमिका और भारत की प्राकृतिक विरासत तथा जैव-विविधता को डाक टिकटों एवं पोस्टकार्ड के माध्यम से सामने लाने पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर फिलैटलिस्ट, डाक अधिकारी, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में आगंतुक उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *