
मुंबई। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) भांडुप परिसर में 2,000 मिलियन लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले नए जल शुद्धीकरण केंद्र का निर्माण कर रही है। महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिडे ने बुधवार सुबह परियोजना स्थल का दौरा कर कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर परियोजना पूर्ण करने के निर्देश दिए।भांडुप जल परिसर मुंबई के अधिकांश हिस्सों को पेयजल उपलब्ध कराने वाला प्रमुख केंद्र है। यह एशिया के सबसे बड़े जल शुद्धीकरण परिसरों में से एक माना जाता है। वर्तमान में यहां प्रतिदिन 2,810 मिलियन लीटर पानी शुद्ध करने की क्षमता उपलब्ध है। इसमें 1,910 मिलियन लीटर और 900 मिलियन लीटर क्षमता वाली दो इकाइयाँ कार्यरत हैं।मुंबई में लगातार बढ़ती आबादी और जल मांग को देखते हुए बीएमसी ने भांडुप परिसर में 2,000 मिलियन लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले नए जल शुद्धीकरण केंद्र के निर्माण का निर्णय लिया है। परियोजना के प्रारंभिक कार्य शुरू हो चुके हैं।निरीक्षण के दौरान आयुक्त अश्विनी भिडे ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अतिरिक्त मानव संसाधन और मशीनरी उपलब्ध कराकर निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने खुदाई, निर्माण सामग्री और मलबे के परिवहन की सुव्यवस्थित योजना बनाने पर भी जोर दिया ताकि परियोजना समय पर पूरी हो सके।इस अवसर पर अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (परियोजना) अभिजीत बांगर, उप आयुक्त प्रशांत गायकवाड, उप आयुक्त (विशेष अभियांत्रिकी) पुरुषोत्तम मालवदे, प्रमुख अभियंता (जल आपूर्ति परियोजना) चंद्रकांत चौधरी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।बीएमसी अधिकारियों के अनुसार यह नया जल शुद्धीकरण केंद्र शुरू होने के बाद मुंबई की बढ़ती जल आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएगा।



