HomeEntertainmentमुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का शुभारंभ, भारत वैश्विक रचनात्मक शक्ति के रूप...

मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का शुभारंभ, भारत वैश्विक रचनात्मक शक्ति के रूप में उभरा : डॉ.एल.मुरुगन

मुंबई। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में भारत के मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र ने अभूतपूर्व प्रगति की है। पिछले वर्ष मुंबई में आयोजित विश्व ऑडियो-विजुअल एवं मनोरंजन शिखर सम्मेलन (WAVES) ने इस क्षेत्र की तीव्र वृद्धि और वैश्विक संभावनाओं को दुनिया के सामने प्रस्तुत किया। वे मुंबई के रवींद्र नाट्य मंदिर में आयोजित 19वें मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (Mumbai International Film Festival – MIFF) के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर महाराष्ट्र के इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं सांस्कृतिक कार्य मंत्री एडवोकेट आशिष शेलार, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव चंचल कुमार, प्रसार भारती के अध्यक्ष प्रसून जोशी, प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक आशुतोष गोवारीकर, अभिनेता जयदीप अहलावत, आईडीपीए अध्यक्ष संस्कार देसाई, किरण शांताराम, सांस्कृतिक कार्य विभाग के सचिव डॉ. किरण कुलकर्णी, फिल्मसिटी की प्रबंध निदेशक स्वाती म्हसे-पाटील तथा एनएफडीसी के प्रबंध निदेशक प्रकाश मगदूम सहित फिल्म जगत की अनेक हस्तियां उपस्थित थीं। डॉ. मुरुगन ने कहा कि भारत की रचनात्मक राजधानी माने जाने वाले मुंबई में मिफ्फ जैसे प्रतिष्ठित महोत्सव का आयोजन होना गर्व की बात है। भारत आज वैश्विक स्तर पर एक रचनात्मक महाशक्ति और विश्वसनीय कंटेंट निर्माण साझेदार के रूप में उभर रहा है। भारतीय कहानियों में दुनिया भर के दर्शकों को प्रेरित करने की अपार क्षमता है। उन्होंने बताया कि भारतीय मीडिया और मनोरंजन उद्योग ने वर्ष 2023 में 9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करते हुए 2.78 ट्रिलियन रुपये के आकार को प्राप्त किया। पहली बार डिजिटल मीडिया ने 1 ट्रिलियन रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित किया है। वर्ष 2028 तक इस उद्योग के 3.3 ट्रिलियन रुपये तक पहुंचने और 7 प्रतिशत से अधिक की वार्षिक वृद्धि दर बनाए रखने की उम्मीद है। डॉ. मुरुगन ने कहा कि वर्ष 2023 में भारत में 1,900 से अधिक फिल्मों का प्रदर्शन हुआ और सिनेमाघरों के राजस्व में 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, टेलीविजन आज भी हर सप्ताह लगभग 74.5 करोड़ दर्शकों तक पहुंच रहा है, जबकि ओटीटी और डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि मिफ्फ के अंतर्गत आयोजित ‘वेव्स डॉक्यूमेंट्री बाजार’ दस्तावेजी फिल्म निर्माताओं, प्रोड्यूसर्स और वैश्विक वितरकों के बीच महत्वपूर्ण सेतु का कार्य कर रहा है। यह मंच फिल्म निर्माण के विभिन्न चरणों में मार्गदर्शन, बाज़ार की जानकारी, वितरण रणनीतियां और अंतरराष्ट्रीय अवसर उपलब्ध कराता है। इससे भारतीय और विदेशी फिल्म निर्माताओं को अपनी रचनात्मक परियोजनाओं को वैश्विक मंच तक पहुंचाने का अवसर मिलता है। महोत्सव की सराहना करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि मिफ्फ जैसे आयोजन भारत को दुनिया के अग्रणी रचनात्मक केंद्र के रूप में स्थापित करने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना को मजबूती प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह महोत्सव डॉक्यूमेंट्री, लघु फिल्म और एनीमेशन क्षेत्र में नवाचार को प्रोत्साहित करते हुए मीडिया एवं मनोरंजन उद्योग के भविष्य को नई दिशा देगा।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments