
मीरा-भायंदर। मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) द्वारा संचालित 403 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) क्षमता की सूर्या जलापूर्ति योजना के तहत मीरा-भायंदर महानगरपालिका क्षेत्र को 218 एमएलडी पानी उपलब्ध कराया जाएगा। यह पानी चेने स्थित जलाशय तक पहुंचेगा, जहां से पूरे शहर में समान रूप से वितरण के लिए नई मुख्य जलवाहिनियों, वितरण प्रणाली तथा जलकुंभों (ओवरहेड टैंकों) का निर्माण कार्य केंद्र सरकार की अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत प्रगति पर है। हालांकि, विभिन्न तकनीकी कारणों से परियोजना के कार्यों में कुछ विलंब हुआ है। इन अड़चनों के समाधान और परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के उद्देश्य से महानगरपालिका द्वारा प्रत्येक माह के दूसरे और चौथे बुधवार को एमएमआरडीए, एमएसईटीसीएल, संबंधित ठेकेदारों तथा परियोजना प्रबंधन सलाहकारों की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की जाती है। इसी क्रम में 10 जून 2026 को आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने निर्देश दिए कि सूर्या जलापूर्ति योजना का पानी अगस्त 2026 के अंत तक चेने जलाशय तक पहुंचाने की दिशा में सभी आवश्यक कार्य युद्धस्तर पर पूरे किए जाएं। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि वर्तमान जनसंख्या की आवश्यकता को देखते हुए शहर में लगभग 60 से 70 एमएलडी अतिरिक्त पानी की कमी है। इस कमी को दूर करने के लिए 10 नए जलकुंभों, उनसे जुड़ी जलवाहिनियों तथा अन्य आवश्यक अधोसंरचना का निर्माण कार्य भी अगस्त 2026 तक पूरा किया जाना चाहिए। इस परियोजना का कार्य कर रही कंपनी मे. ईगल इंफ्रा इंडिया लिमिटेड को सभी लंबित कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई पाई गई, तो संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध नियमों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। महानगरपालिका ने उम्मीद जताई है कि परियोजना पूरी होने के बाद मीरा-भायंदर शहर को जलापूर्ति में बड़ी राहत मिलेगी और लंबे समय से चली आ रही पानी की कमी की समस्या काफी हद तक दूर हो सकेगी।



