
मुंबई। राज्य की पशुसंवर्धन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री पंकजा मुंडे ने पशुसंवर्धन विभाग में रिक्त पदों को तत्काल भरने और ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चिकित्सा सुविधाओं को आधुनिक बनाने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को मंत्रालय में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए पशुपालन क्षेत्र का विकास अत्यंत आवश्यक है। बैठक में पशुसंवर्धन सचिव रामास्वामी एन., पशुसंवर्धन आयुक्त डॉ. किरण पाटिल सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में पशुसंवर्धन क्षेत्र को हाल ही में मिले “कृषि क्षेत्र का दर्जा” मिलने के बाद की कार्यवाही, नई योजनाओं के क्रियान्वयन तथा विभाग में रिक्त पदों की भर्ती को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मंत्री पंकजा मुंडे ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पशुपालकों और किसानों तक योजनाओं का लाभ तेजी और पारदर्शिता के साथ पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि अब पशुपालकों को कृषि क्षेत्र की तरह विभिन्न योजनाओं, कर्ज और सरकारी सुविधाओं का लाभ आसानी से मिलेगा, जिससे दुग्ध व्यवसाय और कुक्कुटपालन को भी बढ़ावा मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चिकित्सालयों को मजबूत करने, मोबाइल पशु चिकित्सा सेवाएं शुरू करने तथा पशुओं के स्वास्थ्य से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करने पर भी जोर दिया गया। बैठक में विभाग के विभिन्न संवर्गों में रिक्त पदों की समीक्षा करते हुए भर्ती प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए, जिससे बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलेगा और ग्रामीण स्तर पर पशु चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। मंत्री पंकजा मुंडे ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं घोषित करना नहीं, बल्कि उन्हें अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचाना है, ताकि पशुसंवर्धन विभाग ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बन सके।




