Thursday, May 21, 2026
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“खुद को भगवान बताने वाला” अशोक खरात ईडी हिरासत में, 47 करोड़ से अधिक के संदिग्ध लेन-देन की जांच तेज

मुंबई। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने खुद को “भगवान” बताने वाले अशोक खरात के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे बुधवार को गिरफ्तार कर विशेष अदालत में पेश किया, जहां से कोर्ट ने उसे 26 मई तक ईडी हिरासत में भेज दिया। एजेंसी ने अदालत को बताया कि मामले में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन, प्रॉक्सी खातों, विदेश यात्राओं, लग्जरी कारों और संपत्तियों की जांच की जानी बाकी है। ईडी की ओर से पेश अधिवक्ता अरविंद अघाव ने कोर्ट से 10 दिन की हिरासत की मांग करते हुए कहा कि एजेंसी फिलहाल 60 प्रॉक्सी खातों की जांच कर रही है। जांच में सामने आया है कि ये खाते कथित तौर पर समता नगरी कोऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी की राहाता शाखा में कई लोगों के नाम पर उनकी जानकारी के बिना खोले गए थे। एजेंसी के अनुसार, 48 विशेष बचत खातों से जुड़े इन 60 खातों के जरिए कुल 47.74 करोड़ रुपये का लेन-देन किया गया। इसमें 21.26 करोड़ रुपये नकद जमा और 23.87 करोड़ रुपये नकद निकासी शामिल है। ईडी का दावा है कि सभी ट्रांजैक्शन दो लाख रुपये से कम रखे गए ताकि ‘अपने ग्राहक को जानें’ (KYC) नियमों से बचा जा सके और बैंकिंग निगरानी से दूर रहा जा सके। ईडी ने अदालत को बताया कि अशोक खरात और उसका कथित सहयोगी अरविंद बावाके खाताधारकों से पहले से हस्ताक्षरित निकासी पर्चियां लेकर नकद जमा और निकासी का काम करते थे। एजेंसी के मुताबिक, इस पूरे नेटवर्क का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर नकदी को घुमाने और संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों को छिपाने के लिए किया गया। जब कोर्ट ने अशोक खरात से उसका पक्ष पूछा तो उसने कहा, “मेरे पास नकद पैसा था, जिसे मैं किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में जमा करना चाहता था। लेकिन बैंक प्रबंधन ने मुझसे संपर्क कर 9 प्रतिशत ज्यादा ब्याज दर का प्रस्ताव दिया, इसलिए मैंने उनका प्रस्ताव स्वीकार कर लिया।” खरात ने यह भी दावा किया कि उसके नाम पर इतने खाते कैसे खोले गए, इसकी उसे कोई जानकारी नहीं है। ईडी ने जांच के दौरान ओमप्रकाश कोयाते उर्फ काका कोयाते के 7 मई को दर्ज बयान का भी हवाला दिया। एजेंसी के अनुसार, कोयाते ने स्वीकार किया है कि नकद जमा राशि को फिक्स्ड डिपॉजिट में बदला जाता था और बाद में उसे निकाल लिया जाता था। अब ईडी इस मामले में मनी ट्रेल, विदेशी यात्राओं, संपत्तियों और संभावित हवाला नेटवर्क की भी जांच कर रही है। एजेंसी को आशंका है कि यह मामला केवल बैंकिंग अनियमितताओं तक सीमित नहीं, बल्कि बड़े वित्तीय घोटाले और अवैध निवेश नेटवर्क से भी जुड़ा हो सकता है।

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