
इंद्र यादव/मुंबई। ईद-उल-अज़हा (बकरीद) का त्योहार नजदीक आते ही मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में कुर्बानी के जानवरों के ट्रांसपोर्टेशन को लेकर सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। अबू आसिम आजमी ने इस मुद्दे को लेकर सीधे राहुल नार्वेकर से मुलाकात की और आरोप लगाया कि त्योहार के मौके पर जानबूझकर सख्ती बरती जा रही है तथा व्यापारियों और वाहन चालकों को परेशान किया जा रहा है। आजमी ने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी देते हुए कहा कि मुंबई में बकरीद के लिए जानवर लेकर आने वाले वाहनों को मीरा रोड समेत कई एंट्री पॉइंट्स और चेक पोस्टों पर रोका जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ जगहों पर पुलिस प्रशासन और असामाजिक तत्वों द्वारा वाहन चालकों से अवैध वसूली और अनावश्यक पूछताछ की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर नाराजगी जताई कि यदि किसी वाहन के दस्तावेजों में मामूली कमी पाई जाती है, तो नियमों के तहत जुर्माना लगाने के बजाय पूरी गाड़ी और उसमें मौजूद जानवरों को जब्त कर लिया जाता है। आजमी के मुताबिक, इससे बेजुबान जानवर घंटों और कई बार दिनों तक बिना दाने-पानी के पुलिस स्टेशनों, सड़कों या गौशालाओं में फंसे रहते हैं, जो अमानवीय स्थिति पैदा करता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राहुल नार्वेकर ने संबंधित पुलिस अधिकारियों से तत्काल बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि कानून व्यवस्था बनाए रखते हुए निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और किसी भी समुदाय के लोगों को त्योहार के दौरान बेवजह परेशान न किया जाए। इस मुद्दे ने एक बार फिर त्योहारों के दौरान प्रशासनिक कार्रवाई, पशु परिवहन नियमों और धार्मिक संवेदनशीलता को लेकर बहस तेज कर दी है।




