
मुंबई। महाराष्ट्र दिन के अवसर पर राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए सात जिलों में एमआरआई सेवाएं शुरू करने और 11 जिलों में डायलिसिस सेवाओं का विस्तार करने का निर्णय लिया है। इन सभी सेवाओं का लोकार्पण सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री प्रकाश आबिटकर के हाथों वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया जाएगा। इस पहल से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों को अत्याधुनिक इलाज की सुविधा उनके नजदीक ही उपलब्ध हो सकेगी। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम के तहत कोल्हापुर, यवतमाल, बीड, नाशिक, जळगांव, सोलापुर, सातारा, सिंधुदुर्ग, ठाणे, गडचिरोली और रत्नागिरी जैसे 11 जिलों के ग्रामीण और उपजिला अस्पतालों में डायलिसिस सेवाएं शुरू की जा रही हैं। इस सुविधा से किडनी रोग से पीड़ित मरीजों को नियमित और मुफ्त उपचार मिलेगा, साथ ही उन्हें लंबी दूरी तय करने की आवश्यकता भी कम होगी। राज्य में पहले से ही 92 स्वास्थ्य संस्थानों में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर डायलिसिस सेवाएं संचालित की जा रही हैं, जो पूरी तरह नि:शुल्क हैं। इसके साथ ही भंडारा, बुलढाणा, अमरावती, नांदेड, धाराशिव, हिंगोली और परभणी जिलों के सरकारी अस्पतालों में एमआरआई सेवाएं शुरू की जा रही हैं। ये सेवाएं 24×7 उपलब्ध रहेंगी और सभी सरकारी मरीजों के लिए पूरी तरह मुफ्त होंगी। इस परियोजना के तहत आवश्यक तकनीकी स्टाफ जैसे टेक्निशियन और रेडियोलॉजिस्ट सेवा प्रदाता के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे। एमआरआई एक अत्याधुनिक जांच तकनीक है, जो शरीर के आंतरिक अंगों की विस्तृत और उच्च गुणवत्ता वाली इमेज प्रदान करती है। इसके माध्यम से सटीक निदान, बीमारी की प्रकृति को समझना, उपचार की सही योजना बनाना और उपचार के प्रभाव का आकलन करना संभव होता है। सरकार के इस कदम से राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी और खासकर ग्रामीण तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को समय पर, गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में बड़ी मदद मिलेगी।




